मेरठ के गंगानगर में पकड़े गए अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से आईएलडी (इंटरनेट लॉग डिस्टेंस ऑपरेशन) और इंटरनेशनल गेटवे को बाईपास कर खाड़ी देशों में हजारों कॉल की जा रही थीं। इस तरह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। किस नंबर पर कितनी कॉल की गईं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में गंगानगर पुलिस और इंटेलिजेंस टीम 36 घंटे से जांच में जुटी है। दूरसंचार विभाग ने पुलिस को तहरीर नहीं दी। जांच में सामने आया कि सिम बिहार से जारी कराए गए थे। घटना के दूसरे दिन भी बीएसएनएल व दूरसंचार के अधिकारी रिपोर्ट नहीं करा सके। बीएसएनएल के अधिकारी दिनभर तहरीर देने की जिम्मेदारी तय करने व आंतरिक कार्रवाई में ही उलझे रहे। इंटेलीजेंस की टीम ने गंगानगर थाने पहुंचकर मोहम्मद शमी से कई घंटे पूछताछ की।
इसकी जानकारी लगने पर दूरसंचार विभाग के अधिकारी गंगानगर थाने पहुंचे। मुकदमा दर्ज कराने को लेकर मंगलवार को दिनभर मंथन चलता रहा। जांच में पता चला कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज में इस्तेमाल मोबाइल के सिम बिहार से जारी किए गए थे। स्थानीय टेलीकॉम अधिकारी मामले को बिहार टेलीकॉम सर्किल का बता रहे हैं। नुकसान का आकलन करने में जुटा दूरसंचार विभाग अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के संचालन के दौरान कितनी काल की गई। इससे सरकार को कितने राजस्व का नुकसान हुआ।
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हालात बिगड़ी तो दी शमी को छूट
अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में कल्याण सिंह मोहल्ला मवाना निवासी मोहम्मद शमी सोमवार देर रात थाने में तबियत बिगड़ गई। मोहम्मद शमी की हालत देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने आनन-फानन में उसे प्राथमिक उपचार दिलाया। पुलिस ने मोहम्मद शमी को बुधवार सुबह तक के लिए उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार सुबह बाबू खान उसे लेकर थाने पहुंचा, लेकिन मंगलवार को पूरे दिन तबीयत का हवाला देकर मोहम्मद शमी थाने के बाहर ही पेड़ के नीचे घूमते हुए दिखाई पड़ा।
यह हुआ बरामद सामान
32 स्लॉट वाले सिम बाक्स - 616 स्लॉट वाला सिम कम राउटर - 1187 सिम (167 बीएसएनएल व 20 एयरटेल) लैपटॉप, की-बोर्ड, 1 एफटीटीएच कनेक्शन एयरटेल, 1 स्विच डी-लिंक, 1 स्टेबलाइजर, पासपोर्ट, आधार कार्ड, संदिग्ध पैन कार्ड, इंटरनेट व पावर केबल, बैटरी।