पसवाड़ा में निकासी नहीं होने से रास्ते में जलभराव।
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माछरा। क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में बहरोड़ा मार्ग पर गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कराने के लिए डीपीआरओ सोमवार को पहुंचे। यहां उन्होंने उक्त राते पर जलभराव की समस्या देखी तथा ग्राम प्रधान को निर्देश दिए। इसके बाद पंचायती जमीन ग्रामीणों के कब्जे से निकाली। उन्होंने नाला बनवाने के लिए मनरेगा अंतर्गत एस्टीमेंट बनवा लिया है।
माछरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव पसवाड़ा में काफी दिन से बहरोड़ा मार्ग पर पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी रास्ते में ही भरा है। इस कारण घर एवं मोहल्ले के ग्रामीणों को रास्ते से निकलना दूभर हो गया है। उक्त मार्ग पर ज्यादातर पिछडे़ वर्ग के लोगों का निवास है। उस पर नाली बनवाने के लिए कई बार एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव के यहां धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है। एसडीएम मवाना के निर्देश पर बीते दिनों बीडीओ माछरा सुरेंद्र सिंह एवं मवाना तहसील की राजस्व टीम ने उक्त रास्ते की मापतौल करके उसकी जमीन को किसानों के कब्जे से मुक्त कराया। किसानों ने रास्ते को अपने खेतों में मिला रखा था। सीमांकन करके उसे छोड़ने के निर्देश दिए। पुन: किसानों ने उक्त जमीन पर कब्जा करके पानी बंद कर दिया। जिससे पानी रास्ते में भर गया और मोहल्ले के लोग इक्टठा होकर डीएम मेरठ अनिल ढींगरा के यहां पहुंचे और प्रदर्शन कर रास्ते से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। इस पर डीएम अनिल ढींगरा ने उक्त मामले की जांच करके कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी मेरठ आलोक सिन्हा को दिए। डीपीआरओ, ग्राम पंचायत सचिव पसवाड़ा, सुनील प्रसाद, कर्मवीर सिंह आदि आज ग्राम पसवाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम प्रधान रीना मलिक के पति मनोज मलिक तथा ग्रामीण अमरपाल, आदेश, सतवीर आदि से वार्ता करके जल निकासी के पहलुओं को परखा। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले ग्राम प्रधान पसवाड़ा को निर्देश दिए कि रास्ते मेें भरे गंदे पानी को पंचायती जमीन में डाला जाए। इसके बाद कब्जा मुक्त हुई जमीन में अन्य प्रकार से ग्रामीणों से वार्ता से नाला बनवाया जाएगा। नाले का निर्माण मनरेगा योजना से होगा। इसका एस्टीमेट बनवाया जा रहा है। शीघ्र ही नाला बनवाया जाएगा। जिससे पानी न भरे और जिन लोगों ने रास्ते की जमीन पर कब्जा कर रखा है उन्हें छोड़ने के लिए कहा है। उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान पति मनोज मलिक ने बताया कि जिस प्रकार से अधिकारियों का निर्देश होगा। उसी प्रकार से नाला निर्माण का कार्य कराया जाएगा। गंदे पानी की स्थायी व्यवस्था कराने के लिए वह पहले से ही कह रहे हैं परंतु कुछ लोग राजनीति कर अड़चन फैलाने का काम कर रहे हैं।