मेरठ। सीएए के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को इस्लामाबाद पुलिस चौकी फूंकने वाले इकराम को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। बवाल के बाद से वह फरार चल रहा था। रविवार को सूचना मिली कि वह घर पर आया हुआ है। जिस पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार 20 दिसंबर को सबसे ज्यादा उपद्रव हापुड़ रोड पर जाकिर कालोनी से इस्लामाबाद पुलिस चौकी के बीच हुआ था। लिसाड़ी और खत्ता रोड पर आगजनी हुई थी। बवाल में नौचंदी, लिसाड़ीगेट थाने में बलवाइयों पर मुकदमे दर्ज हुए। रविवार को पुलिस जब इकराम को घर से पकड़कर ले गई तो पीछे-पीछे थाना लिसाड़ी गेट पहुंचे परिजनों ने इकराम को निर्दोष बताया। जब पुलिस ने परिजनों को इकराम द्वारा हिंसा के दौरान पथराव करते हुए के फोटो दिखाए तो परिजनों ने हंगामा करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने परिजनों और अन्य लोगों को फटकारकर भगा दिया। इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट प्रशांत कपिल ने बताया कि इकराम ने 20 दिसंबर की सुबह अन्य लोगों के साथ पहले बैठक की थी। उसके बाद नमाज के बाद अपने साथियों के साथ कहा था कि हापुड़ रोड पर बवाल करना है। इकराम के साथ आगजनी और पथराव करने वाले अहमदनगर के सात लोग पहले ही जेल जा चुके हैं। इस गिरोह ने इस्लामाबाद चौकी के पास पहले बीच सड़क पर आगजनी की, पुलिस पर पत्थर बरसाए उसके बाद पुलिस चौकी में आग लगा दी थी।