फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले लापरवाही, अब नोटिस का झटका

Sat, 25 Feb 2017 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सीसीएसयू ने दो साल पहले मार्कशीट जारी करने में बड़ी लापरवाही कर दी। पहले तो फेल छात्रों को पास की मार्कशीट जारी की, अब उन्हें मार्कशीट जमा करने के लिए नोटिस पर नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे छात्रों में हड़कंप की स्थिति है। उनका कहना है कि विवि की गलती की सजा हम क्यों भुगतें। इनमें कई ऐसे छात्र हैं जो फाइनल ईयर के हैं और किसी दूसरी कक्षा में प्रवेश ले चुके हैं। अब विवि उन्हें फिर से परीक्षा देने के लिए कह रहा है। इससे छात्रों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
विज्ञापन

मामला 2015 का है। बीए, बीएससी, बीकॉम और एलएलबी में मेरठ और सहारनपुर मंडल में करीब तीन हजार छात्र किसी न किसी पेपर के कोड में फेल थे। लेकिन इनको मार्कशीट पास की जारी हो गई। विवि का कहना है यह तकनीकी गलती की वजह से हुआ। तत्कालीन कंपनी की गलती के कारण सभी पेपर कोड में पास की मार्कशीट जारी हो गई। गलती पकड़े जाने के बाद विवि ने परीक्षा समिति के सामने यह मामला रखा और तय किया कि यह नियम विपरीत काम हुआ है। परीक्षा समिति ने उक्त मार्कशीट निरस्त करने का निर्णय किया। उनके उपयोग पर रोक लगाने की बात कही। ऐसे छात्र-छात्राओं के घर नोटिस भेजकर उन्हें चेताया गया। मार्कशीट विवि में जमा करने और मुख्य परीक्षा 2017 के साथ जिन विषयों में फेल हैं, उनमें दोबारा परीक्षा देने को कहा है। पास की मार्कशीट मिलने के बाद जब फेल होने की सूचना के नोटिस घर पहुंचने से छात्रों में हड़कंप है। छात्रों का कहना है गलती विवि की है, छात्रों की नहीं है। दो साल से क्यों नहीं बताया? विवि के प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत कुमार का कहना है परीक्षा समिति के निर्णय के बाद निरस्त मार्कशीट जमा करने को कहा है। ऐसे छात्रों को परीक्षा देने का मौका दिया गया है। तत्कालीन कंपनी की तकनीकी गलती की वजह से ऐसा हुआ।   

छात्र जा सकते हैं कोर्ट
यह मामला तूल पकड़ सकता है। पास की मार्कशीट जारी होने के बाद फेल होने का नोटिस मिलने पर छात्र स्तब्ध हैं। बहुत से छात्रों ने परीक्षा फार्म भी नहीं भरा है। अगर वह फार्म भरते हैं तो विवि को परीक्षा फार्म ऑनलाइन खोलने पड़ेंगे। कुछ छात्र कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं। कुछ छात्रों ने कहीं और दाखिला भी ले लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें