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यदि अपना उद्धार चाहते हो तो परोपकार में जीवन लगाओ : रिया किशोरी

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श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु स्रोत संवाद
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हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव नगली गजरोली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक ने भगवान वामन अवतार व समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया।
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श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक रिया किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। वामन अवतार के रूप में भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी कि दंभ तथा अहंकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता है। यह धन संपदा क्षण भंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करो।
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उन्होंने कहा कि अहंकार, गर्व, घृणा और ईर्ष्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ईर्ष्यालु व्यक्ति अपने जीवन में कभी तरक्की नहीं कर सकता। ऐसे व्यक्तियों को भगवान सूर्य, वायु, नदियों, बादलों व वृक्षों इत्यादि से प्रेरणा लेनी चाहिए। यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा। हमें प्रकृति से प्रेरणा लेनी चाहिए। भगवान सूर्य बिना किसी भेदभाव के सृष्टि के सभी प्राणियों को अपना प्रकाश देते हैं। वायु सभी जीवों में प्राणों का संचार करती है। बादल परोपकार के लिए गरजते हुए वर्षा करते हैं, नदियां किसी से नहीं पूछती कि तुम मेरा जल क्यों पीते हो और वृक्ष भी किसी व्यक्ति से यह नहीं पूछते कि तुम मेरे फल क्यों तोड़ते हो, लेकिन स्वार्थी मानव ईर्ष्यालु होता जा रहा है। यदि अपना उद्धार करना चाहते हो तो परोपकार में अपना जीवन लगाओ, जिससे तुम्हारा कल्याण होगा। कथा के बीच में वामन भगवान की आकर्षक झांकी दिखाई गई। इस अवसर पर भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम में मंदिर के पुजारी आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, केशव शर्मा एवं कथा में सहायक अमित कुमार, बांद्रा शर्मा आदि के साथ समस्त ग्रामीणों का सहयोग रहा।

श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु स्रोत संवाद

श्रीमद् भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु स्रोत संवाद

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