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Meerut News: तीर्थ पर न जा सकें तो पानी में गंगाजल मिलाकर करें घर में स्नान

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मेरठ। कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार को सुबह से ही श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, मखदूमपुर, गंगोल तीर्थ, भोला की झाल, नानू की नहर आदि स्थानों पर पहुंचकर स्नान करेंगे। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि जो तीर्थ पर नहीं जा सके। वह घर पर रहकर गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त करने के लिए पहले खाली बाल्टी में गंगाजल डाले और फिर जल से भरकर स्नान करें। गंगा मैया, भगवान शिव और भगवान विष्णु सहित मां लक्ष्मी और पार्वती माता का ध्यान करें।
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कार्तिक पूर्णिमा का स्नान मोक्षदायी माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान से पाप नष्ट हो जाते हैं। घर में स्नान के बाद मां गंगा की आरती करें और शाम के समय दीपदान करें। उन्होंने बताया कि आज देव दीपावली भी मनाई जाएगी। सनातन परंपरा के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर में गंगा घाट पर दीपदान होगा। श्रद्धालु सांयकाल दीप जलाकर गंगा मां को अर्पित करेंगे। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि शहर में गंगोल तीर्थ को भी पुण्य स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी अपने गुरु के साथ आए थे।
गढ़मुक्तेश्वर में भी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी। सूर्य अस्त होने के बाद दीपदान के लिए विशेष तैयारी की गई है। घाटों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इस पवित्र दिन घरों में भी उत्सव का माहौल है। शाम को दीपमालाएं सजाई जाएंगी। परिवार के सदस्य एकत्र होकर पितरों का स्मरण करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया आज के दिन पितरों को अवश्य स्मरण करना चाहिए। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं।
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