बागपत में फीस चुकता नहीं करने पर दलित छात्रा के हाथ में स्कूल ने टीसी थमा दी। यही नहीं यातनाएं दी और जातिसूचक शब्द भी कहे। पीड़ित पहले थाने पहुंची, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामला डीएम तक पहुंचा तो सिस्टम हरकत में आया। जांच बीएसए को सौंपी। बीएसए ने कहा छात्रा को दोबारा प्रवेश दिलाया जाएगा।
बिनौली थाना क्षेत्र के अंगदपुर जौहड़ी गांव की रहने वाली छात्रा आंचल पुत्री नरेंद्र ने बताया वह आर्य कन्या इंटर कॉलेज जिवाना गुलियान में कक्षा 12 में पढ़ती है। प्रधानाचार्य और एक शिक्षिका ने छह सितंबर को उसे फीस जमा कराने के लिए कहा। छात्रा ने तर्क दिया वह मई माह में 1400 रुपये जमा करा चुकी है, शेष कितने रुपये है। छात्रा ने खुद को दलित वर्ग से बता कर शुल्क में छूट का नियम भी बताया।
आरोप है प्रधानाचार्य ने 1400 रुपये जमा कराने के लिए कहा। आरोप है शुल्क में छूट जिक्र करते ही प्रधानाचार्य और शिक्षिका ने जातिसूचक शब्द कहे। आरोपियों ने कहा यहां सभी वर्ग के बच्चों की फीस एक समान है। वर्तमान सरकार ने एससी बच्चों की फीस माफी बंद कर दी है, इसलिए पूरी फीस जमा करनी होगी। आपत्ति करने पर उसके साथ मारपीट की और यातनाएं दी।
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