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फीस जमा न होने पर... दलित छात्रा को दी यातनाएं, स्कूल से निकाला

Wed, 13 Sep 2017 06:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बागपत
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दलित छात्रा को स्कूल से निकाला
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बागपत में फीस चुकता नहीं करने पर दलित छात्रा के हाथ में स्कूल ने टीसी थमा दी। यही नहीं यातनाएं दी और जातिसूचक शब्द भी कहे। पीड़ित पहले थाने पहुंची, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामला डीएम तक पहुंचा तो सिस्टम हरकत में आया। जांच बीएसए को सौंपी। बीएसए ने कहा छात्रा को दोबारा प्रवेश दिलाया जाएगा।  
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बिनौली थाना क्षेत्र के अंगदपुर जौहड़ी गांव की रहने वाली छात्रा आंचल पुत्री नरेंद्र ने बताया वह आर्य कन्या इंटर कॉलेज जिवाना गुलियान में कक्षा 12 में पढ़ती है। प्रधानाचार्य और एक शिक्षिका ने छह सितंबर को उसे फीस जमा कराने के लिए कहा। छात्रा ने तर्क दिया वह मई माह में 1400 रुपये जमा करा चुकी है, शेष कितने रुपये है। छात्रा ने खुद को दलित वर्ग से बता कर शुल्क में छूट का नियम भी बताया। 

आरोप है प्रधानाचार्य ने 1400 रुपये जमा कराने के लिए कहा। आरोप है शुल्क में छूट जिक्र करते ही प्रधानाचार्य और शिक्षिका ने जातिसूचक शब्द कहे। आरोपियों ने कहा यहां सभी वर्ग के बच्चों की फीस एक समान है। वर्तमान सरकार ने एससी बच्चों की फीस माफी बंद कर दी है, इसलिए पूरी फीस जमा करनी होगी। आपत्ति करने पर उसके साथ मारपीट की और यातनाएं दी।
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प्रधानाचार्य ने हाथ में टीसी काटकर दे दी

डीएम भवानी सिंह खंगारौत
छात्रा के मुताबिक नौ सितंबर को उसके पिता को बुलाकर प्रधानाचार्य ने हाथ में टीसी काटकर दे दी। इससे उसका भविष्य खराब हो गया। पीड़ित परिवार ने कहा वह पहले थाने पहुंचे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार ने मंगलवार को जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की। 

डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने बीएसए को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए योगराज सिंह ने कहा छात्रा को पुन: प्रवेश दिलाया जाएगा। प्रधानाचार्य से बात हो चुकी है। मामले का निस्तारण करा दिया है। 

स्कूल बस का किराया भी कर दिया था माफ : प्रधानाचार्या 
प्रधानाचार्य निर्मला तोमर ने कहा संस्था और शिक्षिकाओं पर लगाए आरोप निराधार हैं। छात्रा पर स्कूली बस का किराया 260 रुपये बकाया था। छात्रा के कहने पर किराया माफ किया। छात्रा को किसी ने भी स्कूल से नहीं निकाला। उसके पिता ही अपनी मर्जी से नाम कटवाकर स्कूल से ले गए हैं। छात्रा के परिजनों ने ही उनको धमकी दी  है।

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