खेल विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर मेरठ के खिलाड़ियों ने वर्षों इंतजार किया है। करीब 20 साल से जनपद में खेल विवि और स्पोर्ट्स कॉलेज की मांग जारी है। इसके बावजूद मेरठ के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। ऐसे में खिलाड़ी पलायन को मजबूर हैं। प्रदेश में संसाधनों की कमी के कारण कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं। विभिन्न खेलों में मेरठ का नाम विश्व पटल पर चमकाने वाले पूर्व खिलाड़ियों ने मेरठ में खेल विवि के जल्द निर्माण को मांग की है।
उन्होंने कहा कि मेरठ दिल्ली के बेहद करीब है। यह खेल विवि निर्माण का सबसे बड़ा आधार बनेगा। खेल विवि बनेगा तो यूपी समेत अन्य राज्यों और विदेश से लोगों की आवाजाही होगी। हवाई अड्डा बनने तक दिल्ली से मेरठ गाड़ी से ही आना होगा। ऐसे में मुजफ्फरनगर की दूरी अधिक होगी। हालांकि मेरठ के स्पोर्ट्स हब होने का लाभ भी मिलेगा।
वर्चस्व किया है कायम
मेरठ के खिलाड़ियों ने बिना संसाधनों के क्रिकेट सहित अन्य खेलों में अपना वर्चस्व कायम किया है। ऐसे में उन्हें विश्व स्तरीय सुविधाएं खेल विवि के रूप में जरूर मिलनी चाहिए।
-रफीउल्ला खान, पूर्व रणजी खिलाड़ी
मान बढ़ा रहे खिलाड़ी
हॉकी खेल में युवाओं की दिलचस्पी कम हुई है। क्रिकेट, शूटिंग, कुश्ती सहित अन्य खेलों में यहां के खिलाड़ियों ने मान बढ़ाया है। खेल विवि नहीं बना तो खिलाड़ी मेरठ से पलायन कर जाएंगे।
-एमपी सिंह, हॉकी, ओलंपियन