सर्द मौसम में ठंड से बचाव के लिए अगर अलाव जला रहे हैं, तो थोड़ा सावधान भी रहना होगा। अलाव के दौरान यदि प्रदूषित धुआं उठा तो कार्रवाई हो सकती है।
शहर के सार्वजनिक स्थलों से लेकर सरकारी कार्यालयों और घरों से प्रतिष्ठानों तक में लोग अलाव जला रहे हैं। जिला प्रशासन से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक की ओर से चेताया जा रहा है कि अलाव जलाएं, मगर प्रदूषण न फैलाएं। पत्ती या अन्य फसलों के अवशेष से अलाव न जलाने की खास हिदायत दी गई है।
तो फिर ठंड से बचाव को क्या करें किसान : नीरज
भारतीय किसान यूनियन (अंबावत) के जिला अध्यक्ष नीरज चौधरी का कहना है कि खेतों में काम करने के बाद ठंड से बचाव के लिए किसान पत्ती से कुछ देर के लिए अलाव जलाता है। इसमें इतना प्रदूषण नहीं होता, लेकिन किसानों पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में किसान ठंड से बचाव के लिए क्या करें। किसान नेता बिट्टू नंबरदार ने किसानों पर अलाव जलाने पर मुकदमे दर्ज करने का विरोध जताया है।