मेरठ। एक तरफ बसपा उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव लड़कर अपने परंपरागत वोट बैंक को बचाने में की जद्दोजहद कर रही है, वहीं नाराज बसपा कार्यकर्ता एवं निष्कासित पदाधिकारी ऑडियो जारी कर रहे हैं। शनिवार को बसपा से निष्कासित पूर्व मंडल कोआर्डिनेटर प्रशांत गौतम ने राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम की ऑडियो जारी की थी। अब उनका दावा है कि जल्द ही बसपा के बड़े नेता से बातचीत की ऑडियो मीडिया के सामने रखकर पोल खोली जाएगी।
बहुजन समाज पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में आए दिन बदलाव चर्चाओं में है। 2012 के चुनाव से उत्तर प्रदेश में बसपा का जनाधार गिरता जा रहा है। हालात यह हैं कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनावों में बसपा को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी। इस बार लोकसभा चुनाव में भी बसपा का खाता नहीं खुला। बसपा अपने परंपरागत वोट बैंक को भी बचाने में कामयाब नहीं हो रही है। पदाधिकारियों को निष्काषित करने से आपसी खींचतान और बढ़ रही है। बसपा ने प्रशांत गौतम समेत तीन पदाधिकारियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। आरोप पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का है।
मुनकाद अली का बदला जा चुका कार्य क्षेत्र
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश में बड़ा मुस्लिम चेहरा बाबू मुनकाद अली का भी कार्य क्षेत्र आए दिन बदला जा रहा है। 31 अक्तूबर से पहले मुनकाद मेरठ, अलीगढ़ और मुरादाबाद मंडल के प्रभारी थे। इसके बाद इनको इन मंडलों से हटाकर बरेली और उत्तराखंड भेज दिया गया। एक समय था कि बसपा में मुनकाद अली का अलग स्थान होता था।