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Meerut News: मुझे मौत की परवाह नहीं... जिसकी बीवी धोखा दे मुझे बताओ, मैं मारूंगा

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मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र में सुनील की सरे बाजार हत्या करने के बाद प्रदीप धीमान ने भागते हुए वीडियो बनाकर धमकी दी। उसने कहा कि मुझे मौत की परवाह नहीं है, जो धोखा देगी उसका ऐसा ही अंजाम होगा। जिसने मुझे दुख दिया था। उसे अभी मारकर आया हूं। प्रशासन से नहीं डरता।
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प्रशासन ने अगर धोखा देने वाली औरतों के खिलाफ कदम नहीं उठाया तो ऐसे ही मरेंगी, ऐसे ही मरेंगी। और जिसने भी मेरे घर-परिवार वालों को परेशान किया। जिसकी बीवी धोखा दे मुझे बताओ मैं मारूंगा। चार मिनट का यह वीडियो हत्यारोपी प्रदीप ने सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सुनील के घर रह रही आरोपी की पत्नी को सुरक्षा में ले लिया है।

सुनील की हत्या के बाद आरोपी बाइक लेकर भाग गया। बाइक चलाते हुए ही उसने मोबाइल से वीडियो बनाया। इसमें कहा कि अभी मैं मार के आया हूं। तीन गोलियां मारी हैं। एक 12, एक 32 और एक 315 बोर की गोली मारी हैं। मैं खुद जिम्मेदार हूं। मेरे घर-परिवार का कोई जिम्मेदार नहीं है। मेरा यार-दोस्त कोई जिम्मेदार नहीं है। उसने कमर में लगे तमंचे दिखाते हुए कहा कि मैंने जिन हथियार से हत्या की है, ये रहे। इन्हें नहर में फेंक दूंगा। ठीक है भाई, वायरल कर दो मेरी वीडियो।
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बहसूमा थाने को पहुंचा दो, थाना फलावदा को पहुंचा दो, एसएसपी मेरठ को पहुंचा दो मेरी ये वीडियो। जो भागेगी न घर से, मुझे फोन करो, मैं अपने घर से बेदखल हूं। मैंने अपनी ज़मीन-जायदाद सब भाइयों के नाम कर रखी है।
मेरे सिर पर मौत मंडरा रही है, उसे भी मारूंगा

आरोपी ने कहा मेरे सिर पर मौत मंडरा रही है। ये रहा ढाई मीटर का कफन मेरे हाथ में। उसने सुनील के लिए कहा आज मिला था मुझे डेढ़ साल में। आज मार दिया मैंने भाई साहब। मैं छोड़ूंगा नहीं उसे (अपनी पत्नी को)। इसे मार दिया, उसे भी मारूंगा। अकेला हूं और मेरी मोटरसाइकिल ये है, मैं अकेला हंू। मैं खुद गवाह हूं, मैंने खुद मारा है।

हस्तिनापुर पुलिस ने मुझे हथियार उठाने के लिए विवश किया : भाई साहब मुझे हथियार उठाने पर मजबूर किया थाना हस्तिनापुर ने। एके शर्मा एसओ और दरोगा अनिल कुमार। जब उसके कोर्ट के कागज नहीं दिए तो भैया मुझे हथियार उठाने पर मजबूर किया। जिसने मुझे हथियार दिलवाए वो मर गया। हथियार देने वाला मानपुर का है और इसके चाचा का लड़का है जो मरा है आज, जिसे मैंने मारा है। उसका नाम है हने सिंह मैनपुरिया जिसने मुझे हथियार दिलवाए और दीप सिंह ने बात करवाई।

एसओ हो, दरोगा हो....मारूंगा उसे भी

आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि मैं झूठ नहीं बोल रहा, मेरी तो मौत है। जो भी मेरे घर-परिवार वालों को परेशान करेगा। थाना फलावदा हो, थाना बहसूमा हो, थाना हस्तिनापुर हो... भाई साहब मारूंगा। ... एसओ को भी और दरोगा अनिल कुमार को भी। एक और है मैं उसका नाम नहीं ले रहा, मारूंगा उसको भी। वीडियो मैं वायरल कर रहा हूं। अभी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर। मेरी इंस्टाग्राम आईडी है मौत का खौफ 302।
पुलिस कार्रवाई करती तो नहीं होती हत्या : सुनील के चाचा सुजीत ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदीप ने छह माह पूर्व उनके घर पर फायरिंग की थी। इस दौरान मोहल्ले वालों ने प्रदीप पर पथराव कर दिया था। इसके बाद वह तमंचा मौके पर छोड़कर भाग गया था। यह तमंचा पुलिस को सौंपा गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि पुलिस उस समय ठोस कार्रवाई कर लेती तो सुनील की हत्या नहीं होती। सुनील का छोटा भाई विजय दिल्ली में नौकरी करता है। उनके पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी।

सुनील के साथ गई थी पत्नी : फलावदा क्षेत्र के गांव सनोता निवासी प्रदीप धीमान की वर्ष 2017 में सैफपुर कर्मचंदपुर निवासी पूनम से शादी हुई थी। उनकी दोनों बेटियां अब पांच और तीन साल की हैं। जब छोटी बेटी डेढ़ साल की थी तभी पूनम सुनील के साथ चली गई थी। बाद में पूनम ने हस्तिनापुर थाने आकर पति प्रदीप के साथ जाने से इन्कार कर दिया और सुनील के साथ चली गई थी। वायरल वीडियो में आरोपी ने एसओ एके शर्मा और सुनील कुमार का नाम लिया है। वह दोनों उस दौरान थाने में तैनात बताए गए हैं।
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