मुजफ्फरनगर। मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद दो लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। शिकायत पर गठित मेडिकल बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि इंफेक्शन के कारण ही दोनों मरीजों की आंख की रोशनी गई। इंफेक्शन अस्पताल से लगा अथवा बाहर से चिकित्सकीय जांच टीम इस बिंदु पर जांच कर रही है। टीम की ओर से शीघ्र ही रिपोर्ट दिये जाने की बात कही गई है, जिससे अस्पताल पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
वरदान धर्मार्थ नेत्र सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्रेमपुरी में आंखों का अस्पताल संचालित होता है। 23 मार्च को नई आधुनिक फेको मशीन का लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के बाद काफी मरीजों के आंख के ऑपरेशन किए गए। इस दौरान एक महिला सहित दो मरीजों की ओर से मोतियाबिंद का ऑपरेशन सफल न होने की बात कहते हुए आंखों की रोशनी जाने की शिकायत कर संबंधित चिकित्सक और अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
केस एक-
मोतियाबिंद के उपचार में चली गई एक आंख की रोशनी
बुडीना कला की पूनम (38) पत्नी जितेन्द्र की ओर से सीएमओ को शिकायत की गई। बताया कि दाहिनी आंख में मामूली दिक्कत पर वरदान अस्पताल में दिखाया। डॉक्टर की ओर से मोतियाबिंद होने की बात कहते हुए चार अप्रैल को ऑपरेशन किया गया। लेकिन रात में असहनीय दर्द हुआ। बताया कि आंख में इंफेक्शन हो गया है। चिकित्सक ने हालत नाजुक देख एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया। काफी उपचार के बाद आंख तो ठीक हो गई, लेकिन दाईं आंख की रोशनी चली गई।
केस दो-
सफेद मोतिया की भेंट चढ़ गई गौतम शर्मा की आंख
नई मंडी निवासी गौतम शर्मा की ओर से नेशनल मेडिकल कमीशन से शिकायत की गई थी। बताया था कि गांधी वाटिका में 26 मार्च को लगे शिविर में जांच के दौरान बाईं आंख मेंं मोतिया पाया गया था। मोतिया हटाने और आंख में लैंस डालने के लिए चार अप्रैल को वरदान नेत्र चिकित्सालय पर ऑपरेशन कराया गया। बताया कि ऑपरेशन के बाद आंख में रेटिना के पीछे पस पड़ गया, जिससे बाई आंख की रोशनी चली गई। आरोप लगाया कि डॉक्टर की ओर से उनकी चिकित्सकीय जिम्मेदारी को पूरा नहीं किया गया।
रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी कार्रवाई: सीएमओ
सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया ने बताया कि दोनों शिकायत के मामले में जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का कारण इंफेक्शन आया है। जांच की जा रही है कि इंफेक्शन अस्पताल से लगा अथवा बाहर से। उन्होंने बताया कि जांच उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।