मेरठ। आयुष्मान भारत योजना में वैसे तो सैकड़ों अपात्र लाभार्थी शामिल हैं, लेकिन वे इसमें से अपने नाम वापस लेने को तैयार नहीं हैं। मगर कुछ ऐसे भी हैं, जो खुद सीएमओ कार्यालय आकर कार्ड वापस कर रहे हैं। बुधवार को आर्मी के टेक्नीशियन सुनील जोशी ने अपना गोल्डन कार्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय आकर सीएमओ डा. राजकुमार को सौंप दिया।
सुनील जोशी ने बताया कि वह सरधना रोड स्थित आर्मी के रडार स्टेशन पर टेक्नीशियन हैं। उनका गोल्डन कार्ड बन गया था, जबकि वह इसके पात्र नहीं हैं। लिहाजा कार्ड वापस कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि उनके कार्यालय से इस संबंध में शासन को सूचना भेजी जाएगी, शासन स्तर से सुनील जोशी का नाम पात्रों की सूची से हटा दिया जाएगा। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत के तहत जन आरोग्य योजना के पात्र बनाने में लापरवाही की इंतहा हुई है। शहर के बड़े कारोबारी भी इसमें शामिल कर दिए गए हैं, यानि उन्हें बीपीएल कार्डधारी (गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले) दर्शाया गया है। वर्ष 2011 की सर्वे सोशियो इकोनामिक कास्ट सेंसस (एसईसीएस) के तहत आयुष्मान योजना का आंकड़ा लिया गया था। इसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को शामिल किया गया था। लेकिन इसमें ऐसे लोग शामिल हो गए हैं, जो गरीबी रेखा के नीचे नहीं हैं।