इकरार अहमद......मारवाड़ी भोज सभागार मेट्रो प्लाजा में हुआ पुस्तक विमोचन करते अतिथिगण व कवि सम्म
मेरठ। साहित्य और संस्कृति को समर्पित कलमपुत्र काव्य कला मंच के तत्वावधान में साझा काव्य संकलन ‘साहित्य के स्वर’ के ग्यारहवें संस्करण का विमोचन समारोह हुआ। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित कवि सम्मेलन कराया गया। मारवाड़ी भोज मेट्रो प्लाजा में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता रहे। इस दौरान डॉ. शशि खन्ना ने सुनाया-आंगन की रंगोली हो या दफ्तर की फाइलें, परिवार की चिंता हो या बॉस की हिदायतें, सबको साड़ी के पल्लू में बांध लेती हूं, स्त्री हूं न, सब संभाल लेती हूंं। उनकी ये पंक्तियां खूब सराही गईं।
इससे पूर्व कवि सत्यपाल सत्यम, डॉ. आरसी गुप्ता और जयवीर सिंह डोयला ने दीप प्रज्ज्वलन किया। रेखा गिरीश ने कहा-आ रहा हर पल हमें, सिखला रहा है...। अशोक वशिष्ठ ने कहा- रोग इतने लग गए हैं, गीत जितने गुनगुनाए, मौत आई द्वार पर, पर तुम न आए। चरण सिंह स्वामी ने ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित कविता पढ़ते हुए कहा- शायद तुम सुधरोगे, शायद पास में आओगे, शायद प्यार करोगे, हमसे और गले लगाओगे, यही सोचकर हमने अपने आगे कदम बढ़ाए थे, शांति कबूतर यही सोचकर हमने सभी उड़ाए थे।
मुख्य अतिथि डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित कार्यक्रम काफी प्रेरणादायक रहा। उन्होंने आयोजन को सराहा। संचालन व संयोजन चरण सिंह स्वामी ने किया। कार्यक्रम में अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, ज्ञान दीक्षित, ओपी रतूड़ी, दीवान गिरी, अशोक गौड़, रेखा वाधवा सहित अन्य मौजूद रहे।