इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कुछ युवकों को कंबोडिया भेजा था, जहां उन्हें एक चीनी कंपनी को बेच दिया गया। इन पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा था।
पुलिस ने इस मामले में शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव तावली निवासी आस मोहम्मद और खतौला निवासी जावेद को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ है। पुलिस को अभी भी थाना खालापार के मोहल्ला रहमतनगर निवासी अनवर अहमद अंसारी उर्फ शाबरी की तलाश है, जो इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।
आरोपियों ने बुना जाल और कंबोडिया पहुंच गए पीड़ित
आरोपी आस मोहम्मद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह 2013 से 2023 तक कतर में फायरमैन, टोलमैन और इंजेक्टर मैन के रूप में काम कर चुका है। जुलाई 2025 में उसने ट्रेवल एजेंट का काम शुरू किया। एशिया पावर व एमजी वाला जैसी कंपनियों के माध्यम से विदेश में युवकों को भेजने का काम किया। उसने अब तक छह युवकों को सऊदी अरब, कुवैत और दुबई भेजा है।
अनवर अंसारी उर्फ शाबरी ने उसे बताया था कि उसे कंप्यूटर टाइपिंग और एक्सेल का काम जानने वाले व्यक्तियों की आवश्यकता है। उसके माध्यम से तावली निवासी वसीम और मंसूरपुर क्षेत्र निवासी मोहिन को 20 दिसंबर 2025 को कंबोडिया भेज दिया था।