हस्तिनापुर। मखदूमपुर मेला स्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस प्रशासन के साथ-साथ खुफिया तंत्र भी पूरी तरह मेला स्थल पर निगरानी बनाए हुए हैं। परंतु ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाला वॉच टावर मानक के अनुसार नहीं बनाया गया है। यहां श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख से भी अधिक होती है। इसके बावजूद जिला पंचायत द्वारा मेला स्थल पर मात्र आठ फीट के वॉच टावर से मेला स्थल की निगरानी की औपचारिकता पूरी की गई है।
मखदूमपुर गंगा घाट पर आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में उद्घाटन से पूर्व कई अधूरी तैयारी नजर आ रही हैं। इससे लग रहा है कि यह मेला भगवान भरोसे आयोजित हो रहा है। मेले के चौराहों पर लगाई गई जिन लाइटों की ऊंचाई 20 से 25 फीट होनी थी, वह मात्र 10 फीट पर लगाई गई हैं। इस हैलोजन लाइट से यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे होगी।
मेला स्थल को छह सेक्टर में बांटा गया है। जिला पंचायत द्वारा यहां छह वाॅच टावर बनाए गए हैं। सबसे अधिक श्रद्धालुओं की संख्या गंगा किनारे पर रहेगी, क्योंकि यहीं पर दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु पांच दिनों तक स्नान करेंगे। इनकी सुरक्षा के लिए ही गंगा किनारे वॉच टॉवर बनाए गए हैं। परंतु इन वॉच टावर की ऊंचाई मात्र औपचारिकता भर नजर आ रही है। जबकि पुलिस प्रशासन मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध के दावे कर रहा है। यह मेला करीब तीन किलोमीटर की परिधि में आयोजित होता है, जहां पर जिला पंचायत द्वारा अभी तक विद्युत लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए नहीं की गई है।
मेले का बजट तो प्रतिवर्ष बढ़ रहा है परंतु यहां पर मिलने वाली सुविधाओं को लगातार दरकिनार किया जा रहा है, जिसका अभाव अगले पांच दिनों तक गंगा किनारे पर दीपदान और गंगा पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को देखने को मिलेगा।