मेरठ। बेसिक स्कूलों की लगातार हो रही पड़ताल के बीच शनिवार को नगर क्षेत्र के पूर्वा इलाहीबख्श स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय और मोहनपुरी स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय के हालात जानने का प्रयास किया गया। यहां भी स्थिति गंभीर और चिंताजनक मिली। स्कूलों के जर्जर भवनों में कमरों की छतों का प्लास्टर उखड़ चुका है। लिंटर से सरिये दिख रहे हैं। इसके नीचे पढ़ रहे बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा चिंता इस बात की रहती है कि कहीं छत को कोई हिस्सा उनके ऊपर न गिर जाए। बरसात के दिनों में यह चिंता और बढ़ गई है।
पूर्वा इलाहीबख्श स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन लगभग 75 साल पुराना है। स्कूल की छत में लिंटर के सरिये जगह-जगह से दिख रहे हैं और रेत झड़ता रहता है। इस भवन में ही 2020 में प्राथमिक विद्यालय शिफ्ट किया गया। अब विलय के नाम पर प्राथमिक विद्यालय ठठेरवाड़ा और प्राथमिक विद्यालय हरिनगर भी शिफ्ट कर दिया गया। उन स्कूलों के बच्चे भी यहां पढ़ रहे हैं। बारिश होते ही स्कूल में पानी भर जाता है और बच्चों को स्कूल आने में परेशानी होती है।
90 बच्चों को पढ़ा रहे तीन शिक्षक
स्कूल में कक्षा एक से आठ तक 90 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक हैं। इंचार्ज शिक्षक सुनीता गुप्ता बताती हैं कि अभी तक यह स्कूल एकल रूप में चलता था। कुछ समय पहले ही एक अन्य शिक्षक आए हैं। नए भवन के लिए अधिकारियों को लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इसके साथ ही यहां पर दो अन्य प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे व आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे भी पढ़ रहे हैं।
जर्जर घोषित हो चुका भवन, फिर भी नहीं ली सुध
1950 में बने मोहनपुरी स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय के भवन में तीन मतदान बूथ चलते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भवन की हालत बहुत खराब थी। उस समय आए नगर निगम के अवर अभियंता ने निरीक्षण करने के बाद स्कूल के रजिस्टर में नोट लिख दिया कि यह भवन जर्जर है। कोई भी हादसा होने की आशंका है। इसके बावजूद नया भवन नहीं मिल पाया। केवल छत की मरम्मत कर दी गई, लेकिन अब छत में फिर से दरारें आ चुकी हैं। जर्जर भवन में ही छात्र पढ़ने के लिए मजबूर है। बुरी तरह से जर्जर हो चुके एक कमरे को स्टोर रूम बनाया हुआ है। इस स्कूल में 77 बच्चे और दो शिक्षक हैं। विद्यालय की इंचार्ज शिक्षक सीमा रानी बताती हैं कि भवन के जर्जर होने की जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। बीईओ भी विद्यालय का निरीक्षण कर चुके हैं।
वर्जन
सभी स्कूलों के ऐसे भवनों को नियमानुसार जर्जर घोषित करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण होगा। -दिनेश कुमार यादव, एडी बेसिक मेरठ मंडल
शीघ्र ही जिलाधिकारी से बात करके स्कूल भवनों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। समस्या का समाधान होगा। - अरुण गोविल, सांसद मेरठ
अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी स्कूलों की सूची बनाई है। जल्दी ही स्कूलों का निरीक्षण करके उनकी कमियों को दूर कराया जाएगा। अमित अग्रवाल, मेरठ कैंट विधायक
स्कूलों की खराब हालत को ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। जर्जर भवनों को ध्वस्त करके नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। रफीक अंसारी, मेरठ शहर विधायक
प्राथमिक कन्या विद्यालय मोहनपुरी का जर्जर भवन। स्रोत : संवाद।