होटल संचालक की बेटी बनी नलकूप चालक
कानपुर नगर निवासी ही महेश सैनी की पुत्र ज्योति सैनी की शैक्षिक योग्यता 12वीं और आईटीआई है। ज्योति ने बताया कि उनके पिता छोटा सा होटल चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां चाहें जो भी हों, वे हर हालत में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन करेंगी।
बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से पाई नौकरी
काशी विश्वनाथ की नगरी की रहने वाली वाराणसी के मोहल्ला रामनगर निवासी सीमा पाल का कहना है कि जल्दी नौकरी लेने के लिए उन्होंने नलकूप चालक की नौकरी के लिए वर्ष 2016 में आवेदन किया था। बाबा विश्वनाथ की कृपा से उन्हें इस विभाग में नौकरी मिली। वर्तमान में उनकी ढाई साल की एक बच्ची है। वे पति सहित अब बिजनौर में ही आ गई हैं।
शादी से पहले किया था आवेदन, बाद में मिली नौकरी
बिजनौर चीनी मिल के पास स्थित सर्वोदय कालोनी निवासी ललिता बताती हैं कि उन्होंने समाजशास्त्र में एमए किया। उनके पिता ऋषिपाल सिंह राज मिस्त्री हैं और उनके पति शीतल कुमार एक निजी कंपनी में काम करते थे। कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में उनकी नौकरी छूट गई, लेकिन उन्होंने और उनके परिजनों ने धैर्य नहीं खोया। पिता और पति ने उन्हें नौकरी दिलाने के लिए बहुत सहयोग किया।