नगर निगम ने गृहकर की बकाया वसूली को लेकर बुधवार को शहर में चौतरफा अभियान चलाया। इस दौरान सरकारी दफ्तरों, हॉस्टलों, दुकानों और बैंक सहित कुल 19 संपत्तियों को सील कर दिया गया। निगम ने वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित त्यागी हॉस्टल को भी सील कर दिया हालांकि भारी हंगामे और विरोध के बाद निगम को कदम पीछे खींचने पड़े।
वेस्टर्न कचहरी रोड पर स्थित त्यागी हॉस्टल और उससे जुड़ी दुकानों को जब निगम की टीम सील करने पहुंची तो मौके पर भारी बवाल खड़ा हो गया। निगम ने हॉस्टल और दुकानों को सील कर दिया। इस दौरान हॉस्टल के अंदर मौजूद करीब 25 से 30 छात्र बाहर आ गए और हंगामा कर दिया। सूचना पर सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि निगम बिना पक्ष सुने और बिना पर्याप्त समय दिए मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में 25-30 छात्र रह रहे हैं ऐसे में अचानक सीलिंग करना गलत है। इस दौरान निगम अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई।
हंगामे की सूचना पर एमएलसी अश्वनी त्यागी भी मौके पर पहुंच गए। बढ़ते दबाव और अखिल भारतीय त्यागी ब्राह्मण सभा के महामंत्री किशोर त्यागी द्वारा टैक्स जमा होने के दावे (रिकॉर्ड के साथ) के बाद,निगम की टीम ने करीब एक घंटे बाद ही सील खोल दी।
बीएसए कार्यालय पर 1.04 करोड़ का बकाया: सरकारी दफ्तरों पर भी चला चाबुक
नगर निगम ने इस बार केवल निजी प्रतिष्ठानों को ही नहीं, बल्कि बड़े सरकारी कार्यालयों को भी निशाने पर लिया। संयुक्त कृषि निदेशक के उप निदेशक कार्यालय और बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय को सील कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार अकेले बीएसए कार्यालय पर 1.4 करोड़ रुपये का गृहकर बकाया है। इसके अलावा अन्य कई सरकारी संस्थानों पर भी लाखों की देनदारी लंबित पाई गई।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम के नेतृत्व में निगम की टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई की। सिविल लाइन व प्रेम विहार में कई दुकानों पर सील लगाई गई। नंगला बट्टू व बिजली बंबा में एक प्रिंटिंग फैक्ट्री और एक बड़े शिक्षण संस्थान पर कार्रवाई हुई। शास्त्रीनगर में एक हॉस्टल, कई दुकानों और एक आवासीय भवन को सील किया गया। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 7 दुकानें, 1 बैंक, 1 सरकारी ऑफिस, 1 हॉस्टल और कई अन्य संस्थानों को मिलाकर 19 संपत्तियों पर ताले जड़े गए।
अधिकारियों की चेतावनी: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने स्पष्ट किया कि राजस्व वसूली को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी बकायेदारों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके थे। यदि बकाया जल्द जमा नहीं किया गया, तो सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।