हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण्य में एक फार्म हाउस से दुर्लभ प्रजाति के जानवरों के अवशेष मिलने से पुलिस और वन विभाग में खलबली मच गई। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मृत हिरण के अंगों के अवशेष और शिकार करने के उपकरण बरामद करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस इसे वन्य जीवों की तस्करी का मामला मानकर जांच-पड़ताल कर रही है। उधर, साधु-संतों और भाजपा नेताओं ने भी वन्य जीवों के शिकार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र हजारों एकड़ भूमि में फैला हुआ है। थाना भोपा बिहारगढ़ रोड पर बाबा जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर प्रतिवर्ष भंडारा लगता है। गांव बिहारगढ़, इलाहाबास, दरियाबाद, मोरना, चौरावाला भोकरहेड़ी, वजीराबाद, शुक्रतारी, फिरोजपुर आदि गांवों के लोग प्रसाद चढ़ाने आते हैं। भंडारा करने को चूल्हे के लिए म्हाड़ी से सटे एक फार्म हाउस में एक ग्रामीण लकड़ी बीनने गया, तो उसे अचानक लकड़ियों के नीचे से बारहसिंहा हिरण के सींग और अवशेष दिखाई दिए। लकड़ी छोड़ ग्रामीण ने म्हाड़ी पहुंचकर स्वामी भक्तिनाथ को मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों का शोर सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसी बीच मौका पाकर फार्म का केयरटेकर गांव इलाबास निवासी कल्लू ने अपने साथियों के साथ आनन-फानन में अवशेषों को गायब कर दिया और फार्म के मुख्य दरवाजे का ताला लगाकर भाग निकले।