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मेरठ के पॉश इलाकों में खुलेआम चलते हैं हुक्का बार, युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहा मोटी कमाई का चस्का

Wed, 12 Aug 2020 01:40 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • पॉश इलाकों में खुलेआम चलते हुक्का बार
  • मोटी कमाई के लालच में युवा वर्ग को धकेल रहे नशे की तरफ 
  • कई हुक्का बार में अश्लीलता के साथ नशे के लिए अलग से पैकेज 
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
जनपद में आबकारी विभाग द्वारा शराब और भांग के ठेके छोड़े जाते हैं। तमाम नियमों के तहत कई होटलों में बार के लाइसेंस भी हैं। लेकिन एक भी होटल या रेस्टोरेंट ऐसा नहीं, जिसके  पास शासन-प्रशासन से हुक्काबार का लाइसेंस जारी किया गया हो।

बावजूद इसके मोटी कमाई के लालच में शहर के पॉश इलाकों सहित दर्जन भर जगहों पर युवा वर्ग को नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। बड़ी बात यह कि यह सब पुलिस के साथ ही सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं के संरक्षण में चलता है।
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
छावनी क्षेत्र में अधिकांश प्रतिष्ठित स्कूल हैं। इसी क्षेत्र में शहर का पॉश इलाका आता है तो आबूलेन जैसा बाजार भी है। इस अकेले क्षेत्र में पिछले तीन सालों के बीच आधा दर्जन ऐसे रेस्टोरेंट खुल चुके हैं, जहां खुलेआम नशा परोसा जाता है। इन रेस्टोरेंट के नाम भी बहुत ही अजीब हैं, इनके नाम से ही भीतर की असलियत साफ झलक जाती है।

आबूलेन बाजार, फव्वारा चौक से सदर नया बाजार की तरफ जाने वाले मार्ग, वेस्ट एंड रोड स्थित एक नामचीन स्कूल के सामने स्थित रेस्टोरेंट हो या छावनी बोर्ड कार्यालय के पास स्थित एक रेस्टोरेंट हो। इन सभी में  किशोर और युवा वर्ग की भीड़ हमेशा नजर आएगी।
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
पार्टी के लिए खास पैकेज और इंतजाम
इन तथाकथित रेस्टोरेंट में कभी कभी ही महिलाओं की किटी पार्टी या पारिवारिक आयोजन होता नजर आता है। अधिकांश यहां पर किशोर और युवा वर्ग की पार्टी होती दिखती हैं। इसके लिए इनके पास पूरी तरह से पैकेज तैयार होता है। जिसमें एक ग्रुप पार्टी के लिए 700 से 1000 रुपये तक का हुक्का उपलब्ध होता है।

इस हुक्के में यूं तो बहुत ही महकदार फ्लेवर होता है। लेकिन यदि पार्टी कराने वाले चाहें तो उन्हें इस हुक्के के धुएं में नशा भी ये बार संचालक अतिरिक्त पैसा लेकर आसानी से परोस देते हैं। इन अवैैैध हुक्का बार के पास कोई बार का लाइसेंस नहीं होता है। लेकिन ये इस पार्टी के लिए हरियाणा से तस्करी कर लायी गई बीयर और शराब भी उपलब्ध करा देते हैं।

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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
एकांत के लिए भी है जगह और अतिरिक्त चार्ज 
पार्टी के दौरान यदि कोई एकांत जगह चाहता है, तो उसका भी कई हुक्का बार वाले अतिरिक्त चार्ज लेकर अलग से प्रबंध कराते हैं। इसके लिए इनके रेस्टोरेंट के पीछे  का हिस्सा उपलब्ध होता है। 
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
बाहर कलात्मक कलाकृति आती है नजर 
शहर के इन कथित रेस्टोरेंट, जिनके नाम भी किसी बॉलीवुड मूवी जैसे नजर आते हैं। इनकी बाहरी साज सज्जा ही नहीं बल्कि भीतरी साज सज्जा भी बहुत ही कलात्मक नजर आती है। जिसके दिखावे में किशोर और युवा पीढ़ी नशे और एकांत की तलाश में इनकी तरफ आकर्षित होती है।
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
सत्ता पक्ष का रहता है संरक्षण 
सरकार किसी की हो, लेकिन इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग सत्ता पक्ष का संरक्षण पा ही लेते हैं। शहर में करीब छह साल से हुक्का बार चल रहे हैं। लेकिन पिछले तीन सालों में इनकी संख्या बढ़ी है। इन सभी के पीछे कहीं न कहीं सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ ही व्यापारी नेताओं का संरक्षण साफ नजर आता है।

जो छापा लगने पर इनके पक्ष में दबाव बनाने के लिए पुलिस प्रशासन के सामने आ खड़े होते हैं। लेकिन दूसरा पहलू ये भी है कि यह पूरा काला धंधा पुलिस के संरक्षण में ही फल फूल रहा है।
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हुक्का बार में अश्लीलता - फोटो : अमर उजाला
बना रहे हैं सूची, जल्द होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले में जिलाधिकारी अनिल ढींगरा का कहना है कि हुक्का बार को लेकर जानकारी जुटाई जा रही हैं। शहर में कई और भी जगह हुक्का बार संचालित होने की सूचना मिली हैं। हालांकि फिलहाल लॉक डाउन में रेस्टोरेंट बंद हैं तो जांच में किसी का खुलना अभी सामने नहीं आया है।

सिर्फ डग आउट कैफे ही संचालित था। जिस पर पुलिस तो कार्रवाई कर ही रही है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई भी जल्दी तय हो जाएगी। ऐसे तमाम संदिग्ध रेस्टोरेंट की सूची तैयार कराई जा रही है। जिनके खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई तय होगी। 
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