फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हनीट्रैप मामला: ये युवतियां ऐसे फंसाती थी जाल में, सरगना 'चांद' ने तैयार किया था गिरोह

Thu, 18 Jun 2020 05:36 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हनीट्रैप सरीखे ब्लैकमेलिंग के अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना फर्नीचर कारोबारी चांद है, जिसने इस गिरोह को शुरू किया और अन्य युवतियों को गिरोह में शामिल करके ब्लैकमेलिंग करने लगा। वाहन चालकों को ही अधिकांश यह गिरोह फंसाता था।

विज्ञापन


सिविल लाइंस थाना इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि गिरोह को फर्नीचर कारोबारी चांद पुत्र शरीफ अंसारी व मुकेश पुत्री गुरिया निवासीगण रोहतक ने शुरू किया था। चांद ने गिरोह में दिनेश निवासी बालोट और शहर के महमूदनगर निवासी इजरायल व इंतजार को शामिल किया। इनमें महमूदनगर निवासी इंतजार का फर्नीचर बनाने का कारखाना है, जबकि दिनेश व इजरायल तैयार फर्नीचर को इधर से उधर पहुंचाने वाले वाहन चालक हैं। 

उधर, रोहतक निवासी युवती मुकेश ने अपने ही मोहल्ले की दो अन्य युवतियों रेणू और सानिया को गिरोह से जोड़ा था। इनमें मुकेश, रेणू व सानिया कार चालकों से नजदीकी बढ़ाकर उन्हें जाल में फंसाती थीं। इंतजार व इजरायल कच्ची सड़क पर उनके लिए सुरक्षित कमरे का इंतजाम करते थे, जबकि चांद व दिनेश कार चालक के आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बनाते थे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह दबोचा, ऐसे हुआ पर्दाफाश, धमकी देकर करते थे वसूली

विज्ञापन

हरिद्वार से लाए गए थे रॉकी व विनोद  
तीन दिन पूर्व शहर के कच्ची सड़क स्थित एक मकान में गिरोह इकट्ठा हुआ था। चांद, दिनेश, रेणू, सानिया व मुकेश ब्रेजा कार से हरिद्वार गए, जबकि इंतजार व इजरायल ने शहर में रहे। हरिद्वार में रेणू व सानिया ने कार चालक रॉकी व विनोद निवासीगण सोनीपत की कार अपनी बीमार मां की दवा लाने के बहाने मुजफ्फरनगर जाने के लिए बुक की। रास्ते में रेणू ने कार चालक रॉकी से नजदीकियां बढ़ाई और दोनों को कच्ची सड़क स्थित मकान में ले जाया गया। यहां रॉकी के साथ अश्लील फोटो व वीडियो बनाए गए। 

इसके बाद दोनों युवकों के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर बंधक बनाते हुए दस लाख रुपये की मांग की गई। दोनों युवकों को कच्ची सड़क पर ही एक गोदाम में ले जाकर उनके साथ मारपीट भी की गई। बाद में तीन लाख रुपये में मामला खत्म करने की बात कहकर रॉकी से उसके परिजनों को कॉल कराकर रुपये मंगाए गए। मंगलवार शाम रॉकी अपने परिजनों से रुपये लेकर आने की बात कहकर गोदाम से निकला, लेकिन रास्ते में पुलिस को मिल गया।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें