युवक को पकड़कर ले जाती पुलिस
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आरएएफ देखते ही छंट गई भीड़
आरएएफ को देखते लोगों की भीड़ खुद अपने आप पीछे हटने लगी। याकूब कुरैशी के परिवार के लोग कहने लगे कि हम लोग कानून को मानने वाले है। बच्चों से अगर गलती हुई है तो उनको माफ कर दो। किसी दबाव में कार्रवाई मत करो। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर उचित कार्रवाई करे। सीओ कोतवाली ने उन्हें समझाया कि कोई गलत काम नहीं होगा।
कोतवाली में बन गया एक्शन प्लान
पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ ने दोपहर को कोतवाली इलाका घेर लिया। एसपी सिटी, सीओ कोतवाली और एएसपी कैंट पुलिस फोर्स लेकर कोतवाली पहुंचे। याकूब कुरैशी के घर पर पुलिस पहुंची तो लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हंगामा होने लगा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। माहौल गर्माने लगा। फोर्स हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी।
नाम बताओ, थाने भेज देंगे
एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सीओ कोतवाली रणविजय सिंह, एएसपी कैंट अंकित मित्तल, एसओ कोतवाली विजय गुप्ता पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के घर पहुंचे। याकूब पुलिस को देखकर बोले कि इतना बड़ा मामला तो नहीं हुआ, जोकि इतनी फोर्स बुलानी पड़ी। जिनके नाम बताओ, उसको थाने भिजवा देंगे। पुलिस अफसर बोले कि ऐसा कोई मामला नहीं है। पानी तो पिला दो। याकूब ने पानी और कोल्डड्रिंक मांगकर पिलाई।
15 लोग हथियार और चाबुक लेकर स्कूल में घुसे थे
स्कूल के कमरे बंद कर कराई गई परीक्षा
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कैंट स्थित मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स (एमपीजीएस) में घुसकर हुई गुंडई के मामले में गुस्साए सैकड़ों अभिभावकों ने मंगलवार को जमकर हंगामा काटा। स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य को घेरकर सुरक्षा पर सवाल दागे। आरोप लगाया कि प्रबंधन को छात्राओं से ज्यादा अपनी साख की चिंता है। इतना सब होने के बाद भी प्रबंधन ने रिपोर्ट दर्ज कराने की बजाय मामले में लीपापोती की। अगर इस तरह की असुरक्षा भविष्य में रही और छात्राओं के साथ क्लास रूम में घुसकर कोई अनहोनी हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा। सुबह करीब आठ बजे प्रबंधक ताराचंद शास्त्री जब स्कूल पहुंचे तो काफी संख्या में अभिभावक उनके कक्ष में घुस आए और घटना पर जवाब मांगने लगे। अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कोई अभिभावक किसी काम से स्कूल में आता है तो उससे गेट पर तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। एंट्री कराई जाती है। इंतजार कराया जाता है। लेकिन करीब 15 लोग हथियार और चाबुक लेकर स्कूल में घुस गए। क्लास रूम में घुसकर गुंडई की। छात्राओं, शिक्षिकाओं को पीटा। लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत स्कूल प्रबंधन की नहीं हुई। आधा घंटे से ज्यादा तक वे स्कूल में गुंडागर्दी करते रहे। उसी वक्त पुलिस बुलाकर उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कराया गया।
जो हुआ स्कूल के अंदर हुआ
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सोमवार को स्कूल में जब यह घटना हुई तो प्रबंधक स्कूल में ही मौजूद थे। लेकिन इसके बावजूद ये सब हुआ। किसी छात्र या छात्रा के साथ स्कूल के बाहर कोई घटना होती है तो स्कूल वाले कहते हैं कि उनकी जिम्मेदारी केवल स्कूल के अंदर की है। लेकिन यह घटना तो स्कूल के अंदर की है, फिर भी स्कूल प्रशासन ने अपनी तरफ से थाने पर तहरीर देनी तक उचित नहीं समझी। इन हालातों में अभिभावक किस पर भरोसा करें। उनकी बच्चियां इतनी डरी हुई हैं कि स्कूल आने से ही मना कर रही हैं। गिरीश गुप्ता, नवीन शर्मा, रश्मि, संजीव गुप्ता आदि अभिभावकों के अलावा भाजपा नेता अजय गुप्ता, सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे आदि ने असुरक्षा के आरोप लगाकर घटना पर गहरी नाराजगी जतायी।
दो दिन पहले सबक ले लेते तो न होती घटना
ताराचंद शास्त्री से अभिभावकों की नोकझोक
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मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स (एमपीजीएस) में सोमवार को अभिभावकों ने जो गुंडागर्दी की है, वह स्कूल प्रबंधन की भारी लापरवाही का नतीजा है। बीते शनिवार दोपहर कोे भी छात्राओं के साथ बुर्का पहने महिला कुछ गुंडों व लड़कों को लेकर छात्राओं व शिक्षिकाओं को पीटने के इरादे से हंटर लेकर स्कूल पहुंची थी। स्कूल कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में स्कूल की लापरवाही साफ नजर आ रही है। स्कूल के मेन गेट और कॉरिडोर में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उसमें आठ जुलाई यानी शनिवार की फुटेज कैद है। इस फुटेज में साफ दिख रहा है कि बुर्का पहने महिला लाल रंग का दुपट्टा डालकर, हंटर, गुंडों को साथ लेकर स्कूल पहुंची है। महिला के साथ आए लड़कों ने कॉरिडोर में ही रुमाल बांधकर अपने चेहरे ढंक लिए। ताकि घटना के वक्त उनकी पहचान न हो पाए। ये लोग पहले स्कूल में घूमे। पूरा स्कूल खाली मिला तो इन्होंने स्कूल में तोड़फोड़ कर दी और दोबारा आने की धमकी देकर वापस लौट गए। शनिवार की वीडियो फुटेज में स्कूल शिक्षिकाएं और यूनिफार्म में छात्राएं नहीं दिख रही हैं। जबकि 10 जुलाई सोमवार की वीडियो फुटेज में वही महिला दोबारा हंटर लिए हुए स्कूल में आती दिख रही है। महिला के साथ गुंडे, मेन विंग की यूनिफार्म पहने कुछ लड़के व दोनों छात्राएं हैं। इस वीडियो फुटेज में स्कूल शिक्षिका नीली साड़ी पहने उस महिला को रोकती हुई साफ दिख रही है। स्कूल यूनिफार्म में कु छ छात्राएं भी कॉरिडोर में नजर आ रही हैं जो उस महिला को रोकती हैं। लेकिन बुर्के वाली महिला हंटर लेकर गुंडों के साथ स्कूल में जबरन घुसकर पूरी घटना को अंजाम देती है। वीडियो फुटेज गवाह है कि ये लोग शनिवार को भी मारपीट के इरादे से स्कूल में घुसे थे। लेकिन छुट्टी हो जाने के कारण घटना नहीं हो पाई थी। स्कूल प्रशासन इस फुटेज से सबक लेकर अगर पुलिस को सूचना देकर सतर्क हो जाता तो सोमवार को यह घटना होती ही नहीं। लेकिन प्रबंधन ने पूरे मामले को दबाए रखा। बल्कि मीडिया को सोमवार को जो तस्वीरें और वीडियो दीं वो भी 8 जुलाई की घटना की थीं, ताकि पूरा मामला दबा रहे। मंगलवार को जब स्कूल प्रशासन पर अभिभावकों ने दबाव बनाया तब उन्होंने 10 जुलाई की वीडियो मजबूरन जारी करनी पड़ी। स्कूल से मिली दोनों वीडियो ने पूरी घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साफ जाहिर कर दी है।
तीनों छात्राएं निष्कासित
तीनों छात्रों की टीसी दिखाती प्रिंसिपल
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एमपीजीएस प्रबंधन ने जहां याकूब के परिवार की आठवीं कक्षा की दोनों आरोपी छात्राओं को निष्कासित किया गया है तो इसी परिवारी की नवीं कक्षा की उस छात्रा को भी प्रबंधन ने निष्कासित कर दिया है जिसने प्रिंसिपल के सामने इन दोनों छात्राओं को सच्चाई बताने से रोका और गुमराह किया। तीनों छात्राओं हाजी याकूब कुरैशी के परिवार से हैं। स्कूल की प्रिंसिपल मधु सिरोही के मुताबिक इस परिवार का कोई भी बच्चा अब इस स्कूल में नहीं पढ़ाया जाएगा।
दबाव पड़ने पर लिखी तहरीर
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी इस मामले में अपनी तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया, जिसके बाद प्रबंधन की तरफ से पेंसिल से तहरीर लिखी जाने लगी तो अभिभावक फिर भड़क गए। कहा कि तहरीर पैन से लिखी जाती है। इसके बाद पैन से तहरीर लिखी गई।
बेटियां तो सबकी की हैं
कई महिला अभिभावकों ने प्रबंधक और प्रधानाचार्या से सवाल किया कि बेटियां तो सबकी हैं। अगर आपकी बेटी के साथ ये सब हो तो कैसा लगेगा? क्या ऐसे माहौल में वे अपनी बेटियों को स्कूल भेजेंगे? कहा कि जो काम स्कूल प्रबंधन को करना चाहिए, वह अभिभावकों को करना पड़ रहा है। तुरंत घटना की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाना चाहिए था।
सुरक्षा तो दो
अभिभावकों ने प्रबंधक से पूछा कि स्कूल में इतनी छात्राएं पढ़ती हैं। लेकिन बच्चियों की सुरक्षा के नाम पर केवल एक निहत्था गार्ड गेट पर है। क्या यही सुरक्षा है? क्या प्रबंधन स्कूल में छात्राओं को सुरक्षा तक नहीं दे सकता?
हम सभी साथ हैं
सभी स्कूलों के प्रंबधकों की बैठक
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हम सभी प्रिंसिपल एमपीजीएस के साथ हैं। छात्राओं के अभिभावकों ने जो किया वो बहुत गलत है। इस तरह किसी भी स्कूल में गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए। मेरठ सहोदय इस मामले में जल्द कोई कदम उठाएगा। -एच.एम.राउत प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल
काफी शर्मनाक घटना
काफी शर्मनाक घटना है। हम सभी इसका विरोध करते हैं। अच्छे हालात हों, जब शिक्षक बच्चों को पढ़ा सकें। प्रिंसिपलों की बैठक में यही तय करेंगे कि आगे क्या करना है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो रहा है। छात्रों का यूं आवेश में आकर ऐसा कदम उठाना बेहद अशोभनीय हैं। -प्रेम मेहता, प्रिंसिपल सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल
एसएसपी से मांगेंगे सुरक्षा
स्कूलों में अभिभावकों द्वारा अभद्रता करने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। अभिभावक चाहते हैं कि बच्चे अच्छे नागरिक बनें, जब स्कूल बच्चों को पढ़ाते हैं तो अभिभावक इस तरह की घटनाएं करते हैं। यह बहुत निंदनीय घटना है। सभी स्कूल संचालक व प्रिंसिपल मिलकर एसएसपी से मुलाकात करेंगे। स्कूल अपनी तरफ से पूरी सुरक्षा व्यवस्था रखते हैं, फिर भी ऐसी घटना हुई, इसलिए एसएसपी से मिलकर स्कूलों की छुट्टी के वक्त हर स्कूल को दो पुलिसकर्मी दिए जाएं, इसकी मांग करेंगे। काली पट्टी बांधकर सभी शिक्षक और प्रिंसिपल विरोध भी करेंगे। -राहुल केसरवानी, सहोदय सचिव
आगे की रणनीति बनाएंगे
जिस तरह अभिभावकों ने स्कूल में घुसकर गुंडागर्दी की, वह बहुत अशोभनीय है। शिक्षकों का कक्षाओं में पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। मेरठ सहोदय और मेरठ स्कूल मैनेजमेंट फेडरेशन एमपीजीएस की घटना की निंदा करता है। आगे क्या करना है, बुधवार को हम सभी शिक्षक मिलकर इसकी रणनिति बनाएंगे। -विशाल जैन, डायरेक्टर शांति निकेतन ग्रुप
आरोपी छात्रों की पहचान कर होगी कार्रवाई
ताराचंद्र शास्त्री से तहरीर लिखवाते अभिभावक
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एमपीजीएस में गुंडागर्दी करने वालों में मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग के छात्रों का नाम शामिल है। स्कूल से मिली फुटेज में ये छात्र हंटर वाली महिला के साथ शनिवार और सोमवार दोनों दिन स्कूल में घुसते हुए साफ दिख रहे हैं। पहले से स्कूल प्रशासन इस बात को मानने से इंकार कर रहा था। लेकिन मंगलवार को जब अभिभावकों ने स्कूल में जाकर हंगामा किया और उन छात्रों को स्कूल से निकालने की मांग की, तो मजबूरन स्कूल प्रशासन को कदम उठाना पड़ा। मेन विंग के प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि शनिवार और सोमवार दोनों दिनों की अनुपस्थित छात्रों की सूची मंगाई है। इस सूची का मिलान वीडियो फुटेज वाले छात्रों से करेंगे। अगर दोषी छात्र हमारे विद्यालय के हैं तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को हाजिरी रजिस्टर का मिलान किया जाएगा।
एमपीजीएस के साथ आया मेरठ सहोदय
पुलिस से अभिभावकों की हुई नोकझोक
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एमपीजीएस में घुसकर हुई गुंडागर्दी का विरोध करने के लिए मंगलवार को मेरठ सहोदय के सदस्य, विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल एवं मेरठ स्कूल मैनेजिंग फेडरेशन के सदस्य स्कूल पहुंचे। पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपलों व निदेशकों ने पूरी घटना को निंदनीय बताकर विरोध किया। साथ ही एमपीजीएस प्रबंधन से कहा कि पूरी घटना में सभी पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपल व संचालक आपके साथ हैं। एक घंटे तक एमपीजीएस में स्कूल प्रिंसिपलों व निदेशकों की बैठक हुई। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को पूरी वीडियो फुटेज देकर मामला दर्ज करा दिया है। सभी स्कूल प्रबंधन इस मामले की घोर निंदा करते हैं। हम सभी साथ हैं। पुलिस से न्याय की मांग करेंगे। साथ ही स्कूलों की सुरक्षा के लिए एसएसपी से मुलाकात करके स्कूलों में छुट्टी के वक्त अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा बल प्रदान कराने की मांग करेंगे। शांति निकेतन के डायरेक्टर विशाल जैन ने बताया कि जो घटना हुई वो छात्राओं के लिए बहुत गलत है। हम शिक्षक हैं और छात्राओं का बुरा नहीं देख सकते। इसलिए सभी स्कूलों के शिक्षक, प्रिंसिपल व छात्र मिलकर एक दिन काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। अन्य रणनीति तय करने के लिए बुधवार को मेरठ सहोदय की बैठक होगी। प्रिंसिपलों की बैठक विद्या ग्लोबल स्कूल में दोपहर 2 बजे से होगी। इस बैठक में तय होगा कि आगे क्या करना है। बैठक में एमपीजीएस की प्रिंसिपल मधु सिरोही, एमपीएस ग्रुप की डायरेक्टर कुसुम शास्त्री, दीवान पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एच.एम.राउत, सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम मेहता, एमआईटी ग्रुप के डायरेक्टर विष्णु शरण अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, शांति निकेतन ग्रुप के डायरेक्टर विशाल जैन, विद्या नॉलेज पार्क के डायरेक्टर सौरभ जैन, मेरठ सहोदय सचिव राहुल केसरवानी, एमपीएस ग्रुप के प्रबंध निदेशक विक्र म शास्त्री, जीटीबी के डायरेक्टर संजीत पी सिंह, एमपीएस मेन विंग के प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।
हंटर चलाने वाली दबंग आसमां हो गई भूमिगत
सीसीटीवी में कैद बुर्के में चाबुक वाली महिला
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स्कूल में पहुंचकर छात्राओं और शिक्षिकाओं पर हंटर चलाने वाली पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां मंगलवार को भूमिगत हो गई। पुलिस ने फौरी कार्रवाई कर पल्ला झाड़ने का काम किया हैं। पुलिस ने साठगांठ कर केस की नींव कमजोर खड़ी की। ताकि याकूब के परिवार को बचाया जा सके। सरेआम स्कूल में गुंडागर्दी, हथियारों से लैस लोग, मारपीट और तोड़फोड़ वाली धारा मुकदमे में नहीं लगी। सभी के चेहरे सीसीटीवी कैमरे में कैद है, इसके बावजूद पुलिस ने अनदेखी की।
इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत ने बताया कि पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां पत्नी शादाब निवासी हापुड़ समेत आठ लोगों के नाम मुकदमे में शामिल कर लिए है। स्कूल में गुंडागर्दी का सीन देखकर अभिभावक आगबबूला है। चौतरफा से दबाव पड़ने पर पुलिस ने सिर्फ फौरी कार्रवाई की है। पुलिस का दावा, हंटर चलाने वाली आसमां कुरैशी भूमिगत हो गई। उसकी तलाश में पुलिस फोर्स ने महिला पुलिस को लेकर याकूब कुरैशी के घर पर दबिश दी थी, लेकिन वहां कोई महिला नहीं मिली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में गंभीरता से पुलिस ने एक्शन नहीं लिया। याकूब कुरैशी के सामने जाते पुलिस नमस्तक हो गई थी। याकूब ने तीन लोग पुलिस को सौंपे। पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार किया है। जबकि हंटर चलाने वाली आसमां के बारे में पुलिस ने उनसे पूछना भी मुनासिब नहीं समझा है। सवाल उठता कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ दिखाई दे रहे है आरोपियों को क्यों गिरफ्तार नहीं किया। महिला थाने की एसओ और उसकी टीम चुपचाप खड़ी रही।
असली गुनहगार कहां है
तीन आरोपी समीर, आरिफ और फैजल पर पुलिस ने 151 की कार्रवाई की है। तीनों आरोपी फुटेज में नहीं है। पुलिस सूत्रों की मानें तो तीनों आरोपी बेकसूर है, लेकिन असली आरोपी कहां है। असली आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस को पसीने छूट रहे है। समीर, आरिफ बरनावा बागपत के और फैजल सरधना का निवासी है। इस मामले में सभी आरोपी कोतवाली के थे।
बलवा और आर्म्स एक्ट भी नहीं लगाई
सदर बाजार पुलिस ने इस मुकदमे की नींव बहुत कमजोर खड़ी की है। इस मुकदमे में बलवा व आर्म्स एक्ट की कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत है। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावकों का कहना है कि पुलिस ने बसपा नेता से साठगांठ कर ली। इस मामले में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस खानापूर्ति कर रही है।
मुकदमा दूसरा, आरोपी दूसरी धारा में भेजे
लोगों ने बताया पुलिस ने आरोपियों के साथ प्लानिंग बनाकर कार्रवाई की है। जेल भेजे तीनों आरोपी वारदात में नहीं थी, इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। इसको देखते पुलिस ने उन पर 151, 116 और 117 की कार्रवाई की गई है। जबकि सोतीगंज के यूसुफ ने हंटर चलाने वाली महिला समेत दर्जनों लोगों पर 147, 323, 504 की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
याकूब बोले, भाजपाईयों की साजिश
याकूब कुरैशी
इस संबंध में हाजी याकूब कुरैशी ने कहा कि शिवरात्रि के पर्व पर पुलिस प्रशासन ने भाजपाइयों के साथ मिलकर जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। मामूली धाराओं में दर्ज मुकदमों पर आरएएफ लगाकर ऐसी दबिश दी गई कि न जाने क्या आफत आ गई हो? हमने धैर्य दिखाया। बच्चों का मामला था पर जानबूझकर इसे दूसरा रंग दिया जा रहा है। मेरी बेटी ने जाकर किसी को स्कूल में नहीं पीटा। यह पूरी तरह से गलत हो रहा है।