होमगार्ड और हिस्ट्रीशीटर मिलकर जिले में नकली नोट बनाने का धंधा चला रहे थे। पुलिस ने होमगार्ड व हिस्ट्रीशीटर समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से 53 लाख रुपये बरामद किए हैं। जिसमें सिर्फ दस हजार असली हैं, बाकी सब नकली हैं।
एसपी क्राइम अनित कुमार और सीओ अभिषेक पटेल ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि मुखबिर की सूचना पर गंगानगर पुलिस और एसओजी ने गंगानगर में नकली नोटों के साथ छह आरोपियों को पकड़ लिया है। सभी आरोपी शहर और देहात में नकली नोटों को दिखाकर ठगी करते थे।
ऐसे लोगों के साथ करते थे ठगी
माला वाले की दुकान से 500 व 200 रुपये के नए नोट खरीदते हैं। फिर किसी पार्टी को ये नोट नकली बताकर देते है। शर्त रखी जाती है कि बैंक में नहीं चलाना बल्कि इन्हें बाजार में चलाना है। दो चार दिन बाद जब सारे नोट बाजार मे चला दिए जाते थे, फिर लालच में आकर खुद ही ग्राहक रकम मांगता था। फिर गड्डी के नीचे और ऊपर असली नोट रखकर बीच में नोट के आकार के सफेद कागज लगाकर सड़क पर डिलीवरी देते थे।
नोटों को गिनती करने से मना किया जाता था। कुछ देर बाद इन्हीं के गैग के सदस्य वर्दीधारी (फर्जी) गैंग के अन्य सदस्य को फोन करके बुला लेते थे। वर्दी वाले (फर्जी) गैंग के लोग आदमी को पकड़ लेते थे। इस दौरान नोट बदलने आया व्यक्ति भाग जाता था। इसके बाद पार्टी से नकली के बदले में वसूले गए असली नोट आपस में बांट लेते थे। वर्दी में रहने वाला आरोपी सतेंद्र होमगार्ड है। उसका दूसरा भाई कृष्ण भी सतेंद्र की वर्दी पहनकर साथ रहता था।
ये पकड़े गए आरोपी
मोहसीन, महताब निवासीगण रसूलपुर औरंगाबाद थाना भावनपुर, नाजिम निवासी पछपैडा, अरसद निवासी खुशहाल नगर लिसाड़ीगेट, होमगार्ड सतेंद्र शर्मा उसका भाई कृष्ण निवासी संजयनगर सिविल लाइन को पकड़ लिया, जबकि उनका साथी ईसा ग्राम पांचली बुजुर्ग थाना सरूरपुर मौके से भाग गया।