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मेरठ: जिम्मेदार पहले ही जाग जाते तो नहीं जाती 3 अभ्यर्थियों की जान, तीन की मौत के बाद बदला दौड़ का समय

Thu, 24 Sep 2026 12:20 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के पहले दिन 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी थी, जिनमें तीन की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद दौड़ का समय सुबह किया गया और व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए।
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होमगार्ड भर्ती के दौरान बिगड़ी थी सचिन की हालत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के पहले दिन 15 सितंबर को दौड़ के दौरान 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई थी। इनमें इलाज के दौरान तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गई। मृतकों में शामली के लिसाड़ निवासी और हाल में कंकरखेड़ा के गणेश विहार में रहने वाले अंकुज मलिक, हापुड़ के मुक्तेश्वरा गांव निवासी तरुण और शामली के गुर्जरपुर निवासी सचिन शामिल थे। पहले दिन की घटना के बाद अगले दिन से दौड़ का समय बदलकर सुबह करीब 10 बजे कर दिया गया। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दिए समय से 90 मिनट पहले बुलाया जाने लगा।

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पहले दिन 11 की हालत बिगड़ी, तीन ने दम तोड़ा
होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 से 23 सितंबर तक कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कराई गई। 15 सितंबर को दौड़ के दौरान 11 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी थी। उन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। इलाज के दौरान तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गई।

मेडिकल के ईएमओ डॉ. दिवाकर ने उस समय 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने का कारण हीट स्ट्रोक बताया था। घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया की व्यवस्थाओं और दौड़ के समय को लेकर सवाल उठे।
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घटना के बाद बदला गया दौड़ का समय
पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा की दौड़ छठीं वाहिनी पीएसी मेरठ में प्रस्तावित थी, लेकिन बारिश के कारण इसका आयोजन कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कराया गया। पहले दिन की घटना के बाद अगले दिन से दौड़ दोपहर से पहले करीब 10 बजे कराई जाने लगी। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर दिए समय से 90 मिनट पहले बुलाया गया।

इसके बाद भी कुछ अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी, लेकिन उपचार मिलने के बाद उन्हें राहत मिल गई। इससे पहले पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 4800 मीटर दौड़ के लिए 28 मिनट और महिला अभ्यर्थियों के लिए 2400 मीटर दौड़ के लिए 16 मिनट का समय निर्धारित था।

 

पुलिस से मांगी गई थी रिपोर्ट
अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने और तीन मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की थी। नोडल अधिकारी एवं एसपी क्राइम अवनीश कुमार के अनुसार रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। इसमें पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है।

अवनीश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण परीक्षा स्थल में बदलाव किया गया था और अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है।

 

7880 अभ्यर्थियों में 6933 सफल
शारीरिक दक्षता परीक्षा में कुल 7,880 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इनमें 5,835 पुरुष और 2,045 महिला अभ्यर्थी थे। परीक्षा में 7,661 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 219 अनुपस्थित रहे।

कुल 6,933 अभ्यर्थी सफल हुए। इनमें 5,145 पुरुष और 1,788 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। वहीं 728 अभ्यर्थी असफल रहे, जिनमें 518 पुरुष और 210 महिला अभ्यर्थी हैं।
 
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अंतिम दिन दो के पैर की हड्डी टूटी, दो की हालत बिगड़ी
बुधवार को शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंतिम दिन भी चार अभ्यर्थियों को उपचार की जरूरत पड़ी। दौड़ के दौरान दीपांशु शर्मा और कपिल कुमार के पैर की हड्डी टूट गई। वहीं रोहित कुमार और अनुज राणा की हालत बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए मेरठ मेडिकल ले जाया गया।

एसपी क्राइम अवनीश कुमार के अनुसार बुधवार को 863 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित हुए, जिनमें 800 अभ्यर्थी सफल रहे। चारों अभ्यर्थियों को तत्काल उपचार दिया गया। बाद में रोहित कुमार और अनुज राणा को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
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