मेरठ। नगर निगम होर्डिंग के टेंडर को निरस्त कर नए टेंडर की तैयारी में लग गया है। इस प्रक्रिया में एक-दो महीने का समय लग सकता है। 2023 के सत्र में निगम को होर्डिंग से कोई आय नहीं हुई है जबकि 2022 में नगर निगम को दो करोड़ से अधिक की आय हुई थी। ऐसे में सवाल यह है कि नगर निगम को इस नुकसान की भरपाई कैसे हो पाएगी।
अप्रैल-मई 2023 में निकाय चुनाव के चलते शहर में होर्डिंग का ठेका नहीं छोड़ा गया था। 28 जुलाई 2023 को नगर निगम ने ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया से हीरा एंटरप्राइजेज और प्रधान इंफ्रा को ठेका दे दिया। दो महीने पहले ऑनलाइन टेंडर में निगम के अधिकारियों पर अनियमितता का आरोप लगाकर एक कंपनी हाईकोर्ट चली गई। अब नगर निगम होर्डिंग का टेंडर निरस्त कर रि-टेंडर की तैयारी में लग गया है। छह महीने से होर्डिंग की मद में नगर निगम को कोई आमदनी नहीं हुई है और। नए टेंडर की प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, जिससे और ज्यादा नुकसान होगा।
वहीं होर्डिंग के ऑनलाइन टेंडर में अनियमितता की शिकायत प्रमुख सचिव नगर विकास तक पहुंच गई है। आरोप है कि एक कंपनी ने दस्तावेज गलत लगाए हैं, जिसकी निगम अधिकारियों ने जांच पड़ताल नहीं की। अब मामले की जांच कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. द्वारा कराई जा रही है।
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नगर निगम के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों की लापरवाही की चलते हुए होर्डिंग के ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। व्यापारियों ने निगम के अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया है। नगर आयुक्त खुद मामले में संज्ञान लेकर होर्डिंग का ठेका पूरा कराएं। - अजय गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
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ऑनलाइन टेंडर की शर्तों पर दोनों कंपनियों ने पैसा जमा नहीं किया। तीन बार नोटिस भी दे चुके हैं। अब टेंडर को निरस्त करके री-टेंडर की प्रक्रिया दो-तीन दिन में शुरू करा दी जाएगी।- प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम