इसको लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकरियों ने मंथन किया और ऐसे सभी होर्डिंग हटाने की घोषणा की है, जिन पर ये पंक्तियां लिखी हैं। होर्डिंग लगाने वाले सभी पदाधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कई जगह दूसरे होर्डिंग लगाए जाएंगे। इससे पूर्व गुस्साए वाल्मीकि समाज के लोग सोमवार को बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे। विपिन मनोठिया आदि के साथ समाज के लोगों ने बस की छत पर सवार होकर यहां लगा होर्डिंग फाड़ डाला। कहा कि महापुरुषों का यह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, आरएसएस पदाधिकारियों ने वाल्मीकि समाज के लोगों से बात की और बताया कि उनका किसी भी सूरत में भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
रविदास शिक्षा संस्थान ने की निंदा
इस प्रकरण पर संत शिरोमणि गुरु रविदास शिक्षा संस्थान कंकरखेड़ा में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे होर्डिंग लगाकर उन पर महापुरुषों के बारे में ऐसे शब्द लिखना सही नहीं है। इस मौके पर रामकुमार असनावड़े, शिवचरण, हितेश सानिया, शशिकांत, रमेश मौर्य, डा. हरेन्द्र, बाबूराम कसारिया, सुनील, अरविंद आदि मौजूद रहे।
हमारा ऐसा इरादा नहीं था
आरएसएस के प्रांत प्रचारक अजय मित्तल के अनुसार हमारा इरादा किसी भी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कतई नहीं था। मेरी खुद वाल्मीकि समाज के कई नेताओं से बात हुई। उन्हें मैंने बताया कि यह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने कहा था। उन्हीं पंक्तियाें को लिखा गया है। इस पर वे सहमत भी हो गए। इसके बावजूद हमने सारे ऐसे होर्डिंग हटाने का निर्णय लिया है।
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