मेरठ। जाट समाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने और समाज के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक अक्तूबर को सुभारती विवि में जाट संसद का आयोजन होगा। इसमें देश विदेश से हजारों की संख्या में जाट समाज के लोग पहुंचेंगे। इस मौके पर कला, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति व खेल से जुड़े समाज के लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक परमेश्वर कलवानियां व रामावतार कलवानिया ने बुधवार को गढ़ रोड स्थित जाट भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि इस अधिवेशन में सामाजिक भाईचारे पर चर्चा होगी, गौरवशाली जाट इतिहास को याद किया जाएगा। समाज के युवाओं को विदेश में उच्च शिक्षा के अवसर पैदा करने पर चर्चा होगी। समाज के सामाजिक व राजनीतिक नेतृत्व को फिर से कैसे मजबूत किया जाए, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, नशा मुक्त जाट समाज पर चर्चा, केंद्र में ओबीसी आरक्षण पर चर्चा, जाट महापुरुषों को भारत रत्न की मांग आदि पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के अधिवेशन की मेजबानी मेरठ को मिली है, हम सभी के लिए यह खुशी की बात है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य सभी को एक साथ जोड़ने का है। जाट सभा के अध्यक्ष रवींद्र मलिक ने कहा कि सभी को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजन हो रहा है। अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों और विदेश से भी लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम का न्योता सभी राजनीतिक दलों के बड़े जाट नेताओं को दिया गया है। इस मौके पर जाट महासभा के इंद्रपाल सिंह, ओमपाल सिंह, महकार सिंह, कर्नल एसपी सिंह, अरुण पूनिया मौजूद रहे।
अधिवेशन पर राष्ट्रीय जाट महासंघ ने उठाए सवाल
राष्ट्रीय जाट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित जाखड़ ने अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के एक अक्तूबर को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज के लोगों को क्या लाभ पहुंचा है। अभी तक जाट समाज की किन समस्याओं का निवारण कराया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों का आयोजन कराना प्रशंसनीय है, लेकिन समाज की समस्याओं को भी दूर करना चाहिए।