क्षेत्रीय निवासी अकील अंसारी ने मुस्लिम समाज के साथ कराई अंतिम संस्कार की व्यवस्था
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छोटे बेटे चन्द्रमोली ने दी चिता को मुखाग्नि
बड़े बेटे कमल माथुर की तबीयत खराब होने के कारण 4 दिन पहले ही दिल्ली गए थे। ऐसे में दोपहर बाद अनुमति मिलना कठिन था। जिसके बाद छोटे बेटे चंद्रमौलि माथुर ने चिता को मुखाग्नि दी। पड़ोसी आकिल अंसारी ने ही क्रियाकर्म के लिए जरूरी सामान जुटाया।
आकिल ने बताया वह रमेशचंद को बड़ा भाई मानते थे। आसपास के सभी लोग और बच्चे पूरे परिवार का सम्मान करते हैं। दोस्त राजीव शर्मा ने बताया रमेशचंद की माता और उनकी बेटी का अंतिम संस्कार भी मुस्लिमों ने कराया था।