पटेल नगर स्थित पुरुषोत्तम दास टंडन हिंदी भवन का एतिहासिक महत्व है। आज भी पीसीएस के एग्जाम में यह प्रश्न पूछा जाता है कि हिंदी भवन कहां स्थापित है। हिंदी भवन पर जो अतिक्रमण था, उसे मुक्त करा लिया गया है। निर्माण को लेकर तैयारियां चल रही हैं। हिंदी भवन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाएगा। -अरुण जिंदल, उप मंत्री, हिंदी भवन समिति
12 साल से कोई आयोजन नहीं
हिंदी भवन धन के अभाव के चलते समय के साथ अपना अस्तित्व खो बैठा है। किराए पर जो लोग रह रहे थे, उन्होंने हिंदी भवन पर कब्जा कर लिया। 12 वर्ष से हिंदी भवन में कोई आयोजन नहीं हुआ। हिंदी भवन का 1965 में निर्माण हुआ था। बिल्डिंग को भी पुन: निर्माण के लिए ध्वस्त कर दिया गया है। अब कोविड के चलते जो कार्य प्रगति पर था, वह भी रुक गया। -वीरेंद्र प्रेमी, वरिष्ठ पदाधिकारी, हिंदी भवन समिति
समिति की बैठक में होंगे निर्णय
हिंदी भवन समिति की बैठक में निर्णय होगा कि वर्तमान में जहां हिंदी भवन है, यहीं निर्माण किया जाए या इस जगह को बेचकर भवन का निर्माण शहर के किसी बाहरी क्षेत्र में किया जाए। वर्तमान स्थान पर जहां हिंदी भवन है, उसका नक्शा एमडीए से पास कराने का प्रयास चल रहा है। -दिनेश चंद्र जैन, मंत्री, हिंदी भवन समिति