हाईवे पर सफर करना अब और महंगा होगा। वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा और एनएचएआई ने टोल टैक्स की कीमतों मेें वृद्धि कर दी है, जो 1 जुलाई से लागू होंगी। इसके लिए कंपनी ने तैयारी कर ली है। वहीं राहत की बात यह है कि इस बार लोकल टैक्स में वृद्धि नहीं की गई है।
एनएच 58 पर सिवाया गांव के पास में वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा टोल टैक्स लेता है। कंपनी ने एक साल बाद जुलाई से टैक्स को बढ़ा देती है। पिछले वर्ष भी एक जुलाई से टैक्स बढ़ाया था। इस बार कार व जीप पर पांच से 10 रुपये और बस, ट्रक और मल्टीएक्सल वाहन पर 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पंद्रह दिन पहले एनएचएआई को टोलवे कंपनी ने टैक्स बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिस पर मुहर लगा दी गई है। खास बात यह है कि इस बार लोकल किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। कंपनी परतापुर बाईपास से लेकर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे तक टोल की वसूली करती है।
कब कितने बढे़ दाम
वर्ष 2011 2012 2013 2014 2017
कार/जीप 40 45, 65, 70 75 80 80
बस/ट्रक 395 400, 410, 420 430 455 470
लोकल 10 15 15 15 20
नोट: वर्ष 2012 में टोल टैक्स तीन बार बढ़ाया गया था। 2015 और 16 में नहीं बढ़ाया गया, पांच रुपये कम किया गया था। वर्ष 2017 में बढ़ाया गया था।
ये होंगी टोल टैक्स की नई दरें
वाहन अब पहले
कार/जीप 85 80
हल्के वाहन मिनी बस 150 145
ट्रक/बस दोएक्सल 300 290
दो बहुधुरीय यान 485 470
लोकल 20 20
स्थानीय लोगों को राहत
दस किमी के दायरे को ग्रामीणों ने टोल से मुक्त करने की मांग की थी। इसको लेकर कई बार धरना प्रदर्शन और हंगामे भी हुए है। लेकिन कंपनी ने फ्री न करते हुए दस किमी के दायरे में लोकल किराया शुरुआत में दस और फिर 15 रुपये कर दिया था। तीन साल बाद इस किराये को बढ़ाकर वर्ष 2017 में 20 रुपये कर दिया गया। इस बार कहीं लोकल किराये को लेकर विरोध न हो जाए इसलिए इसे बढ़ाया नहीं गया है।
कंपनी एनएचएआई के निर्देश पर ही टोल टैक्स की बढ़ोतरी करती है। कंपनी ने जो एनएचएआई को प्रस्ताव भेजा था, उसमें संशोधन कर नए दाम जारी कर दिए हैं। जिसमें पांच से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी। लोकल किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। श्रीधर नारायण, टोल डायरेक्टर