कांवड़ यात्रा के कारण एक हफ्ते से बंद चल रहे दिल्ली-देहरादून हाईवे बृहस्पतिवार को खेल दिया गया। दोपहर बाद हाईवे पर सरपट वाहन दौड़े। हालांकि अभी तक स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। उधर, सेवा शिविर खत्म होने के बाद हाईवे किनारे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। इस कारण लोग बदबू से परेशान हैं।
दिल्ली देहरादून हाईवे पर पिछले एक सप्ताह से कांवड़ियों का ही कब्जा था। दो दिन से डाक कांवड़ का इतना जोर था कि निकलना मुश्किल हो रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर तक भी हाईवे पर धीरे-धीरे कांवड़िये निकलते रहे। दोपहर बाद हाईवे पर वाहनों का आवागमन शुरु हुआ। शाम तक वाहनों की संख्या बढ़ गई। हाईवे पर वाहन तो सरपट दौड़ते नजर आए, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए। इस कारण तेज गति से निकल रहे कई दुपहिया वाहन चालक गिरकर चुटहिल हो गए। वहीं हाईवे पर कांवड़ियों की सेवा के लिए लगाए गए शिविर तो हट गए। लेकिन संचालकों ने गंदगी को वहीं छोड़ दिया। पल्लवपुरम, फेस वन, फेस दो, रुड़की रोड, लेखानगर, बाईपास, सिवाया टोल प्लाजा, दौराला, सकौती, मटौर आदि जगह पर गंदगी के ढेर दिखाई दिए।
टोल कंपनी की है जिम्मेदारी
हाईवे पर लगे शिविरों की गंदगी को शिविर संचालक साफ नहीं करते हैं। शिविर खत्म होने के बाद शिविर संचालक सफाई पर ध्यान न देकर अपना समान समेटकर चले जाते हैं। इसके बाद टोल कंपनी को हाईवे की सफाई करानी है। हाईवे साफ करने और स्पीड ब्रेकर हटाने की जिम्मेदारी वेस्टर्न यूपी टोलवे कंपनी की है।