भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर शनिवार को वकीलों ने कचहरी से सुभारती मेडिकल कॉलेज तक हंगामा किया। पुलिस ने वकीलों को बेगमपुल पर रोकने का प्रयास किया तो वह चौराहे पर ही लेट गए। इस दौरान पुलिस से धक्कामुक्की और हाथापाई तक हुई। इसमें पांच वकीलों को चोट लगी और एक को अटैक पड़ गया। पुलिस ने 126 वकीलों को गिरफ्तार किया। बाद में उनको मुचलके पर छोड़ा।
भाजपा की दो दिवसीय बैठक में मुख्यमंत्री और करीब सभी कैबिनेट मंत्री शनिवार को मेरठ पहुंचे। इसके चलते वकीलों ने हाईकोर्ट बेंच की मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री को देने का प्लान बनाया था। वकीलों ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को भी सूचना दी थी। प्लानिंग के तहत वकील सुबह कचहरी पहुंचे और कार्यक्रम स्थल सुभारती मेडिकल कॉलेज जाने के लिए कूच किया। वहीं पुलिस प्रशासन ने वकीलों को रोकने के लिए एसपी सिटी रणविजय सिंह व एएसपी कैंट सतपाल सिंह को पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ तैनात किया।
पुलिस और वकीलों में हाथापाई
पुलिस ने बेगमपुल पर वकीलों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने हंगामा कर जाम लगा दिया। उनके बीच धक्कामुक्की और हाथापाई भी हुई। इस दौरान वकीलों की दो गाड़ियां पुलिस को चकमा देकर सुभारती के लिए निकल गईं। जबकि अन्य वकीलों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। वहां पर घंटों हंगामे के बाद मुचलके पर 126 वकीलों को छोड़ा गया। वकीलों ने बताया कि पुलिस की मारपीट से सीनियर वकील एमपी सिंह, नरेंद्र कुमार समेत पांच वकील घायल हो गए। वहीं, मुरादाबाद बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी को अटैक आ गया, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हाथ जोड़ते रहे पुलिस अधिकारी
वकीलों ने कचहरी से सुभारती कॉलेज तक हंगामा किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी उनके हाथ जोड़ते रहे। लेकिन वकीलों की मांग थी कि वह हाईकोर्ट बेंच के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वकीलों के कपड़े तक फट गए, लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी। वहीं बवाल के डर से पुलिस का भी पसीना छूटता रहा।