हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं कि वे 90 दिनों के अंदर शहर से पैंठ हटवाकर खुले मैदान में लगवाएं। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ये आदेश जारी किए।
लोकेश खुराना ने शहर में 12 स्थानों पर सड़कों पर लग रही पैठ को लेकर नगर आयुक्त और जिलाधिकारी से आपत्ति जताई थी। इस पर डीएम पंकज यादव ने पैठ को अतिक्रमण मानते हुए एसडीएम सदर को सीआरपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए थे।
लेकिन इस पर लोकेश खुराना ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत अतिक्रमण में होती है, जबकि यह सामूहिक अतिक्रमण है। इसमें सीधे पैठ हटाने का आदेश होना चाहिए। इसके बाद डीएम ने 23 फरवरी को नगर आयुक्त को आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने पैंठ हटाने से इनकार कर दिया था।
डीएम का पत्र बना आधार
लोकेश खुराना ने सोमवार को हाईकोर्ट में प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी, नगर आयुक्त और एमडीए वीसी को पार्टी बनाते हुए जनहित याचिका दायर की। याचिका स्वीकार होने के बाद बुधवार को इस पर सुनवाई हुई।
सुनवाई में मेरठ विकास प्राधिकरण और नगर निगम की तरफ से कोई अधिवक्ता मौजूद नहीं हुआ। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी के 23 फरवरी को नगर निगम को जारी पत्र को इस बात का आधार माना कि शहर में सड़कों पर लग रही पैंठ अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं। इसलिए जिलाधिकारी स्वयं इन सभी पैंठ को 90 दिन के भीतर हटवाना सुनिश्चित करें।
याचिका में यह उठाई गई मांग
लोकेश खुराना ने याचिका में शहर के जाम को मुद्दा बनाया है। जिसमें कहा गया है कि पूरा शहर जाम से जूझ रहा है। इसका बड़ा कारण शहर में अलग-अलग दिन लगने वाले पैठ बाजार हैं। ऐसे में इन पैठ बाजार को पास के खुले मैदानों में शिफ्ट किया जाना चाहिए। लोकेश खुराना ने इन मैदानों को भी याचिका में दर्शाया हैं।
यहां लगती हैं शहर में पैंठ
बुढ़ाना गेट से इंदिरा चौक और हापुड़ रोड (सोमवार), रोहटा रोड (मंगलवार), जागृति विहार सेक्टर-8 और माधवपुरम (बृहस्पतिवार), शारदा रोड, जली कोठी और कुटी चौराहा पीवीएस (शुक्रवार), जयभीम नगर, नई बस्ती मलियाना और भोला रोड चेकपोस्ट (शनिवार), शताब्दी नगर रिठानी और केसरगंज रोड (रविवार)