मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली में दोबारा हिंसक प्रदर्शन के बाद मेरठ में हाईअलर्ट घोषित हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने शहर के संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात कर दी है। उन्होंने बताया कि सीएए के विरोध में मेरठ में भी उपद्रव हुआ था। इसको देखते हुए पुलिस ने पैदल मार्च भी किया है।
सीएए का विरोध करने वाले लोग दोबारा सक्रिय हो गए हैं। खुफिया विभाग के इनपुट पर पुलिस भी एक्टिव हो गई। सोमवार को दिल्ली में हुई हिंसा में एक हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। दिल्ली और अलीगढ़ में इसको लेकर तनाव है। इसको देखते हुए डीजीपी ने सभी कप्तानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मेरठ को अतिसंवेदनशील माना गया है। सोमवार को पुलिस ने संवेदनशील इलाके में फोर्स तैनात कर फ्लैग मार्च निकाला। एसपी सिटी और सीओ ने कई जगहों पर जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की।
पीएफआई के लोगों पर कार्रवाई की तैयारी
20 दिसंबर को हुई हिंसा में मेरठ में छह लोगों की जान चली गई थी। पुलिस जांच में हिंसा कराने में पीएफआई संगठन का नाम सामने आया। इसके बाद पीएफआई से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अब पुलिस इन लोगों पर कार्रवाई की तैयारी में लगी है। गैंगेस्टर व रासुका लगाने की तैयारी है। इस मामले में दर्ज मुकदमोें का रिकार्ड मांगा जाएगा।
शासन ने दी अनुमति
मेरठ में पकड़े गए पीएफआई के 13 लोगों के खिलाफ शासन ने चार्जशीट लगाने की अनुमति दे दी है। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना कि हिंसा में जेल भेजे पीएफआई के लोगों के खिलाफ पुलिस ने तमाम सुबूत जुटाए हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई जाएगी। हिंसा के मामले में देहात क्षेत्र के दो मुकदमोें में पुलिस ने चार्जशीट लगा दी है। भूमिया पुल, हापुड़ अड्डा चौराहा, केसरगंज और जली कोठी समेत कई जगहों पर पुलिस ने पैदल मार्च किया। लोगों को मीटिंग और पंचायत न करने की चेतावनी दी गई।