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75 फीसदी गर्भवती में हीमोग्लोबिन सामान्य से कम

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मेरठ। 75 फीसदी गर्भवती महिलाओं में हीमोग्लोबिन सामान्य से कम मिला। एक जनवरी से 31 अक्तूबर 2020 तक जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी कराने आईं 3054 महिलाओं में से करीब 75 प्रतिशत में हीमोग्लोबिन की सामान्य रेंज भी नहीं मिली। सिर्फ 25 फीसदी में ही सामान्य रेंज पाई गई। 100 से ज्यादा महिलाओं को ब्लड चढ़ाया गया। इनमें रक्त की मात्रा 10 डेसीलीटर से भी कम थी।
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सामान्य महिला के शरीर में 11.5 से 15 ग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त होता है। खून की लगातार कमी के कारण अब 10 ग्राम डेसीलीटर तक रक्त की मात्रा को सामान्य मान लिया जा रहा है। इससे कम खतरनाक है। कई ऐसी महिलाएं आती हैं, जिनमें रक्त की मात्रा 10 ग्राम डेसीलीटर से भी कम मिली। कम हीमोग्लोबिन मां एवं गर्भ में पलने वाले के लिए भी घातक है।
इसलिए कम हो जाता है हीमोग्लोबिन
जिला महिला अस्पताल की प्रभारी डॉ. मनीषा अग्रवाल ने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु की देखभाल के लिए शरीर का आकार तो बढ़ जाता है, मगर उसमें लाल रक्त कोशिका की वृद्धि नहीं होती है। इसलिए हीमोग्लोबिन स्तर कम हो जाता है। जिस पर पौष्टिक आहार और आयरन टेबलेट खानी पड़ती हैं। महिलाओं में जागरूकता की कमी भी इसकी वजह है।
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खून की कमी के कारण
- शरीर में फॉलिक एसिड की कमी
- विटामिन बी और आयरन की कमी
2118 नॉर्मल और 936 सिजेरियन
जिला महिला अस्पताल में आई गर्भवती महिलाओं में से 2118 की नॉर्मल डिलीवरी हुई, जबकि 936 की डिलीवरी सिजेरियन करनी पड़ी।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा वर्मा ने बताया कि संतान तो सब सेहतमंद चाहते हैं, मगर उन्हें जन्म देने वाली महिलाओं की परवाह नहीं की जा रही है। यही वजह है कि महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम मिल रहा है। गर्भवती की परवाह की जाए तो इस समस्या में कमी आ जाएगी।
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