फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीबी मरीजों की जानकारी नहीं दी तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा

विज्ञापन
विज्ञापन
टीबी मरीजों की जानकारी नहीं दी तो रजिस्ट्रेशन नहीं होगा
विज्ञापन

मेरठ। अब निजी चिकित्सकों ने अगर टीबी के मरीजों की जानकारी नहीं दी तो कार्रवाई की जाएगी। एक अप्रैल 2020 के बाद उनका रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। केंद्र सरकार 2025 तक इसे खत्म करने का बीड़ा उठा चुकी है, जिसे अमलीजामा पहनाने की कवायद की जा रही है।
शनिवार को इस संबंध में सीएमओ कार्यालय में मंडल के जिलों की समीक्षा बैठक हुई। राज्य क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी और संयुक्त निदेशक (क्षय रोग) डॉ. संतोष गुप्ता ने समीक्षा की। मेरठ समेत मंडल के छह जिलों (बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और हापुड़) में इस समय करीब 45 हजार टीबी के मरीजों का इलाज चल रहा है। मेरठ में 13 हजार मरीजों का इलाज जारी है। यहां 356 निजी चिकित्सकों को ब्योरा देना है, लेकिन करीब 120 चिकित्सक दे रहे हैं। डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि निजी चिकित्सक अभी भी टीबी के मरीजों का ब्योरा नहीं दे रहे हैं। नोटिफिकेशन आ चुका है कि ऐसे चिकित्सक जो जानकारी नहीं दे रहे हैं, उनका एक अप्रैल से रजिस्ट्रेशन न किया जाए। निजी चिकित्सकों को हर साल रजिस्ट्रेशन कराना होता है। समीक्षा बैठक में सभी छह जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सीएमएस आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

---
एचआईवी टेस्ट भी जरूरी
अब टीबी के मरीजों का एचआईवी टेस्ट भी जरूरी कर दिया गया है। टीबी के मरीजों की जानकारी देते समय एचआईवी रिपोर्ट भी देनी होगी। सरकारी अस्पतालों में टीबी का निशुल्क इलाज किया जाता है, जबकि काफी मरीज ऐसे हैं, जो निजी चिकित्सकों के पास इलाज कराते हैं। उनके ब्योरे में दिक्कत आ रही है। सरकार ऐसे मरीजों को दवाओं के साथ-साथ 500 रुपये महीना भी देती है।
विज्ञापन

---
टीबी कंट्रोल प्रोग्राम का नाम बदला
प्रदेश में टीबी की बीमारी को नियंत्रित करने केलिए रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरकुलोसिस कंट्रोल प्रोग्राम (आरएनटीसीपी) का नाम बदलकर नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलीमिनेशन (एनटीईपी) प्रोग्राम कर दिया गया है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव कुमार ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें