बागपत। गर्मी में अधिक देर तक रहने से फेफड़े प्रभावित हो सकते हैं। संक्रमण होने से सांस लेने भी परेशानी हो सकती है। चिकित्सक का कहना है कि गर्मी में फेफड़ों में सूजन होने से अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सक लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
तेज गर्मी में सांस के सहारे गर्म हवा अंदर जाती है तो वह फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। पहले से ही फेफड़ों की कमजोरी से पीड़ित लोगों को गर्मियों में सूजन बढ़ने के साथ अस्थमा का खतरा अधिक बढ़ सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी में अधिक पसीना आने के कारण नासिका मार्ग और फेफड़े सूखने का खतरा रहता है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
सबसे अधिक परेशानी अस्थमा के मरीजों को होती है। चिकित्सक लोगों को गर्मी से बचाव के लिए तेज धूप में घर से बाहर न निकलने और सिर को ढककर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा गर्मी में खाली पेट न रहने और पानी साथ रखने की भी सलाह दे रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत का कहना है कि तेज गर्मी ओर गर्म हवा फेफड़ों को प्रभावित करती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। गर्मी में पहले से बीमार चल रहे लोगों को अस्थमा के अटैक का खतरा रहता है।
अधिकतम 40 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहा तापमान
बागपत। तापमान कम होने के बावजूद गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है। गर्मी अधिक होने के कारण लोगों का बुरा हाल हो रहा है। जिले का बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा।