मेरठ। पुराने शहर की तंग गलियों में 100 साल से भी ज्यादा पुराने मकानों को तोड़कर अवैध रूप से कॉम्पलेक्स और गोदाम बनाने के मामले में दायर की गई जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
देवनगर (मिशन कंपाउंड) निवासी मनोज चौधरी ने शहर सर्राफा बाजार, शहर कागजी बाजार, शीशमहल, लाला का बाजार, नील की गली, पत्थरवालान, शीशमहल, खैरनगर, ठठेरवाड़ा, स्वामीपाड़ा आदि इलाकों में अवैध निर्माण पर इलाहाबाद हाइकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी। उनका कहना है कि सौ साल से भी पुराने भवनों को तोड़कर अवैध कांप्लेक्स, गोदाम आदि का निर्माण किया गया है। अधिवक्ता निशांत कुमार रॉय ने बताया कि कमिश्नर, डीएम, मेडा उपाध्यक्ष, प्रमुख सचिव आवास और शहरी नियोजन लखनऊ को पार्टी बनाया गया है। यह मामला 42वें नंबर पर लगा हुआ है, जिस पर 25 नवंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।