- ओपीडी में चार डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा, महिला केंद्र रहा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात संविदा कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को भी पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल जारी रखी। इसके चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं काफी हद तक ठप रहीं। कर्मियों के काम बंद करने से दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जांच काउंटर से लेकर पर्चा बनाने तक के काम पर हड़ताल का सीधा असर दिखाई दिया।
चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ठप न हो, इसके लिए सीएचसी प्रभारी डॉक्टर अरुण कुमार स्वयं तीन अन्य चिकित्सकों के साथ ओपीडी में बैठे और मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां वितरित कीं। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार को ओपीडी में 250 नए रोगियों को देखा गया, जबकि 150 पुराने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें जरूरी परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गई।
दूसरी ओर, महिला चिकित्सा सेवाओं की हालत चिंताजनक बनी रही। महिला चिकित्सक डाॅ. श्वेता चौहान के लगातार दूसरे दिन भावनपुर में आयोजित कैंप में ड्यूटी पर रहने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का महिला केंद्र बंद पड़ा रहा। दूरदराज से पहुंची महिला मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बिना इलाज और परामर्श के ही निराश होकर लौटना पड़ा, जिससे उन्हें भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी।
हडताल के चलते बंद पडा टीबी की जांच कक्ष सीएचसी में। (मवाना)
हडताल के चलते बंद पडा टीबी की जांच कक्ष सीएचसी में। (मवाना)
हडताल के चलते बंद पडा टीबी की जांच कक्ष सीएचसी में। (मवाना)
हडताल के चलते बंद पडा टीबी की जांच कक्ष सीएचसी में। (मवाना)