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Meerut News: विश्व थायराइड दिवस आज

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विश्व थायराइड दिवस आज
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कम खाने के बाद भी वजन बढ़ रहा तो हो जाएं सावधान

थायराइड के मरीजों को अपनी दिनचर्या और खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अगर कम उम्र में ही हमेशा थकान रहे, कम खाने के बाद भी वजन तेजी से बढ़ रहा है। कम उम्र में ही बुढ़ापे के निशान दिखने लगें तो समझ लीजिए कुछ ठीक नहीं है। बाल गिरने लगना, स्किन ड्राई, हमेशा चिड़चिड़े रहना जैसे संकेत दिख रहें तो समझ लें कि आप साइलेंट किलर थायराइड के शिकार हो गए हैं। थायराइड के मरीजों को अपनी लाइफस्टाइल और खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है। दरअसल खराब दिनचर्या और गलत खानपान इसका बड़ा कारण है।
लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से
विश्व थायराइड दिवस हर साल 25 मई को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य थायराइड के महत्व और रोग की रोकथाम व उपचार के बारे में जागरूक करना है।
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पुरुषों के मुकाबले महिलाएं थाइराइड की समस्या का सामना ज्यादा करती हैं। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हर माह थायराइड के एक हज़ार से ज़्यादा मरीज़ पहुंचते हैं। देश में हर 10वां इंसान थायराइड की बीमारी से जूझ रहा है। इसकी स्थापना यूरोपियन थायराइड एसोसिएशन और अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन ने 25 मई 2008 को की थी। 35 साल की उम्र से थाइरायड की जांच करानी शुरू कर देनी चाहिए और हर 5 साल बाद इसकी जांच नियमित तौर पर करानी चाहिए। ताकि इस गंभीर बीमारी से बच सकें। यह बात महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए है।
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थायराइड के लक्षण-
हाइपरथायराइडिज्म-
-वजन कम होना
-घबराहट
-थकान
-सांस फूलना
-कम नींद आना
-अधिक प्यास लगना

हाइपोथायराइडिज्म-
-वजन बढ़ना
-थकान
-अवसाद
-मानसिक तनाव
-बालों का झड़ना
-त्वचा का रूखा और पतला होना
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यह है थायराइड
थायराइड तितली के आकार का एक ग्लैंड होता है। ये सांस की नली के ऊपर होता है। थायराइड ग्लैंड थ्योरिकसिन नाम का हार्मोन बनाती है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है और बॉडी में सेल्स को कंट्रोल करता है। दो प्रकार होते हैं। थायराइड हार्मोन में कमी से हाइपोथायरायडिज्म (अचानक वजन बढ़ना) होता है और थायराइड हार्मोन के बढ़ने से हाइपरथायरायडिज्म होता है। आहार में उचित आयोडीन स्तर बनाए रखने और कच्ची गोइट्रोजेनिक सब्जियों के उपयोग को सीमित करने से थायराइड रोगों से बचने में मदद मिलती है।
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खानपान का रखें ध्यान
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ तनुराज सिरोही ने बताया कि थायराइड के मरीज़ों को ग्लूटेन के सेवन को कम करना चाहिए। ग्लूटेन वाली चीजों का अधिक सेवन करने से छोटी आंत में जलन पैदा कर सकता है और थायराइड हार्मोन की दवा ले रहें है तो उसका असर कम कर देती है। इसलिए अपनी डाइट में चावल, पास्ता, ब्रेड आदि कम ही शामिल करें। कैफीन युक्त चीजों का सेवन भी कम से कम करना चाहिए। क्योंकि ये थायराइड ग्रंथि और थायराइड के स्तर दोनों पर बुरा प्रभाव डालता है।
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फैटी फूड्स के सेवन से भी बचें
वरिष्ठ फिजिशयन डॉ संदीप जैन ने बताया कि अधिक फैटी फूड्स का सेवन करने से लोगों में थायराइड हार्मोन के उत्पादन को कम कर सकता है। इसलिए ऐसे लोग अपनी डाइट में मक्खन, मेयोनीज़, मीट जैसे वसायुक्त फू़ड्स को कम शामिल करें। वैसे, अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन थायराइड के मरीजों को इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए। यह थायराइड के उपचार को कठिन बना सकता है।
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