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खौफनाक: कुत्ते खूंखार...हर रोज़ 156 लोगों को बना रहे शिकार

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खौफनाक: कुत्ते खूंखार...हर रोज़ 156 लोगों को बना रहे शिकार

इस साल 23 मई तक 22, 414 लोगों को कुत्तों ने काटा

- जिला अस्पताल में एंटी रेबीज़ वैक्सीन लगवाने वालों लगती हैं कतार

माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। इस साल 23 मई तक 22 हज़ार 414 लोगों को उन्होंने निशाना बनाया है, यानी हर रोज़ औसतन 156 लोग शिकार हो रहे हैं। ये तो वो हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए आए, इनके अलावा ऐसे भी लोग हैं जिन्हें कुत्तों ने काटा और उनका रिकॉर्ड नहीं है।
जिला अस्पताल में एंटी रेबीज़ वैक्सीन (वैक्सीन) लगवाने वालों की हर रोज़ लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज़ एआरवी आ रहे हैं। वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
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यह है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।

रेबीज के लक्षण
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है।

रेबीज का उपचार
रेबीज रोग की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इससे बचाव हो सकता है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवा 28 दिन के बाद लगाया जाता है।
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पुराने टोटके अपनाने से बचें
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि अगर कुत्ता काट ले तो पुराने टोटके अपनाने से परहेज करना चाहिए। कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगा लेने का प्रचलन अब भी है, लेकिन ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी जानवर के काटने पर 72 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की माहवार स्थिति
जनवरी...... 4895
फरवरी...... 4769
मार्च...... 5009
अप्रैल...... 4582
मई...... 3159
(मई के आंकड़े 23 मई तक के हैं।)
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