वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे हस्तिनापुर को पारिस्थितिक पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरि को इको टूरिज्म के रूप में विकसित कर नई पहचान दिलाई जाएगी। ये बात शुक्रवार को हस्तिनापुर पहुंचे प्रदेश के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन एव वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने कही।
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वन विभाग द्वारा प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर की अयोध्यापुरी धर्मशाला में आयोजित वन्य प्राणी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि हस्तिनापुर में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यहां इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। इसको लेकर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा रहा है।
राज्यमंत्री ने कहा कि हस्तिनापुर में रेस्क्यू सेंटर का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इसकी पहली किस्त में पांच करोड़ रुपये का बजट वन विभाग को आवंटित किया गया है। 15 करोड़ रुपये से यह प्रोजेक्ट पूरा होगा। रेस्क्यू सेंटर के लिए अंतिम टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसके पूर्ण होते ही रेस्क्यू सेंटर का कार्य शुरू होगा। इस दौरान राज्यमंत्री ने वन प्रशिक्षण केंद्र में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर के शिलापट का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जुलाई 2022 को इसका ऑनलाइन इसका शिलान्यास किया था।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री ने कहा कि एक मां हमें जन्म देकर संस्कार देती है, वहीं दूसरी धरती मां हमें जीवन देती है। धरती मां के शृंगार के लिए पेड़ पौधों की अहम भूमिका है। पेड़ पौधों को ही धरती मां का आभूषण कहा जाता है। वन और वन्य जीवों के प्रति जागरूकता के लिए सरकार कई जागरूकता कार्यक्रम भी चला रही है। इसलिए पेड़ों के कटान को रोकना होगा। हमें ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करना होगा।
ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने कहा कि मोदी और योगी सरकार में हस्तिनापुर में कई बड़े प्रोजेक्ट के तहत कार्य हुए हैं। कई बड़े प्रोजेक्ट अब शुरू होने हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी का विकास सरकार की प्राथमिकता पर है। हस्तिनापुर में वन्य सेंक्चुअरि क्षेत्र एक अद्भुत क्षेत्र है जो अन्य जिलों में नहीं है, इसलिए यह भूमि पर्यावरण की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
मुख्य वन संरक्षक एनके जानू ने कहा कि वन हमारे जीवन ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हैं। बिना पेड़ों के मानव जीवन संभव नहीं। इस मौके पर डीएफओ राजेश कुमार, रेंजर नवरत्न सिंह, जगन्नाथ, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार, रोबिन वर्मा, संजय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, अमित मोहन टीपू चेयरमैन परीक्षितगढ़, अरुण कुमार चेयरमैन हस्तिनापुर, मंडल अध्यक्ष हरिओम शर्मा, जिला मंत्री सुनील पोसवाल, सोमनाथ पपनेजा मौजूद रहे।
28 प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर
पक्षी विशेषज्ञ डॉ. रजत भार्गव ने बताया कि हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में 28 प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर हैं। भारत में इस समय पहाड़ी बया विलुप्त होने की कगार पर है लेकिन इसको हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में देखा जा रहा है, इसलिए हमें इसे संरक्षित करना होगा।
कई स्कूलों के बच्चों ने पेश किए कार्यक्रम
कार्यक्रम में श्री मल्हू सिंह आर्य इंटर कॉलेज दौराला, सरस्वती विद्या मंदिर, लिटिल एंजल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और जंगली जीवों को बचाने का संदेश देने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।