मेरठ में नायरा कंपनी के पेट्रोल पंपों पर तेल के खेल में हस्तिनापुर पुलिस ने मैनेजर मामचंद को ही पंप की चाबी सौंप दी है। आशंका है कि सेवानिवृत्त डीआईजी महेश मिश्रा के बेटे सुशांत मिश्रा को बचाने के लिए यह खेल किया गया है। इसकी शिकायत अधिकारियों तक पहुंच गई है।
एसटीएफ, आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम ने तीन नवंबर को पंपों पर छापा मारा था। हस्तिनापुर के पेट्रोल पंप पर भी मिलावट का खेल पकड़ा गया था। इस मामले में पूर्ति विभाग के निरीक्षक की ओर से थाने में सतेंद्र कुमार, कुलदीप, सतीश, सुशांत मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद गोयल और रीता को आरोपी बनाकर केस दर्ज कराया गया था।
आरोपी सुशांत मिश्रा सेवानिवृत्त डीआईजी महेश मिश्रा के बेटे हैं। कार्रवाई के समय एक अतिरिक्त मदरबोर्ड, दो डिस्प्ले सहित अन्य सामान बरामद किया गया था। आपूर्ति विभाग ने सैंपल नमूनों में से एक डीजल सैंपल और दो पेट्रोल के नमूने मैनेजर मामचंद को सुपुर्द कर दिए। आशंका जताई जा रही है कि मैनेजर साक्ष्यों से छेड़छाड़ भी कर सकते हैं। इस बारे में कुछ लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की है।
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वहीं, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि कार्रवाई के समय आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी थे। पंप की चाबी किसके पास है, इस बारे में जानकारी की जाएगी।
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