मेरठ के हस्तिनापुर में सैफपुर करमचंदपुर के पास पांडवान क्षेत्र में बुधवार को गेहूं के खेत में 25 फीट का अजगर मिला। किसानों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने अजगर को पकड़कर वन सेंचुरी क्षेत्र में छोड़ दिया।
सैफपुर करमचंदपुर निवासी चंद्रसेन शर्मा अपने खेत पर गेहूं की फसल देखने गए थे। खेत में विशाल अजगर देखकर उनके होश उड़ गए। चंद्र सेन शर्मा, रेसवीर, बब्बल, विक्रम सिंह, सौरभ शर्मा, आशीष शर्मा, कुलदीप शर्मा आदि ने मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही अजगर को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम पहुंची। घंटों मशक्कत के बाद अजगर को पकड़ा गया। वन विभाग के डिप्टी रेंजर विनोद कुमार ने बताया कि अजगर का वजन एक क्विंटल से अधिक है। इसकी लंबाई 20 से 25 फीट है। उन्होंने बताया कि सेंचुरी में इससे बड़े साइज का अजगर नहीं है। यह अपने भोजन की तलाश में कभी-कभी खेतों में पहुंच जाते हैं।
कर्ण मंदिर पर कामाख्या देवी शक्ति पीठ नहीं
जनसुनवाई समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली के तहत कस्बे के प्राचीन कर्ण मंदिर के पास कामाख्या देवी शक्तिपीठ के जीर्णोद्धार की मांग की गई थी। इसके जवाब में नगर पंचायत के अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में वहां पर कोई भी प्राचीन कामाख्या शक्ति पीठ नहीं है।
मेरठ के जागृति विहार निवासी प्रियंक भारती ने हस्तिनापुर में मौजूद प्राचीन कर्ण मंदिर के प्रांगण में मौजूद जीर्ण शीर्ण कामाख्या देवी शक्ति पीठ मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग थी। शिकायत का निवारण करते हुए नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी ने डीएम को लिखा कि हस्तिनापुर में कर्ण मंदिर के प्रांगण में वर्तमान स्थिति में प्राचीन कामाख्या देवी सिद्धपीठ मंदिर नहीं है। इस कारण उसका विकास नहीं हो सकता है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यहां पर जीर्ण शीर्ण स्थिति में प्राचीन मंदिर मौजूद है। यह विलुप्त होने की कगार पर है।