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हाशिमपुरा कांड: सुप्रीम कोर्ट ने कत्लेआम के दोषियों के प्रार्थना पत्र को किया खारिज

Wed, 12 Dec 2018 09:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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हाशिमपुरा नरसंहार फाइल फोटो
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने बताया कि जमीयत के वकीलों के विरोध के बाद यूपी के हाशिमपुरा में हुए कत्लेआम के दोषियों के प्रार्थना पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। प्रकरण में दोषी पीएसी के जवानों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

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बुधवार को जारी बयान में मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने बताया कि हाशिमपुरा कत्लेआम के दोषियों ने उच्चतम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की गुहार लगाई थी।

जमीयत उलमा-ए-हिंद की तरफ से एडवोकेट शकील अहमद सैय्यद, परवेज दबास, उजमी जमील हुसैन और सैय्यद अहमद दानिश ने सुप्रीम कोर्ट में इसका मजबूती के साथ विरोध किया। जिसके बाद जस्टिस यूयू ललित, और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने सभी पीएसी के जवानों समेत मुजरिम निरंजन लाल, महेश प्रसाद, जयपाल सिंह, समीउल्लाह की जमानत अर्जी (क्रिमिनल अपील नंबर 154 -49- 2018) को खारिज कर दिया, लेकिन अदालत ने फैसले को चुनौती देने वाली अर्जी को अगली सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। 
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मदनी ने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद हाशिमपुरा के प्रभावित बाबू दीन और मुजीब-उर-रहमान की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहा है। साथ ही बताया कि 31 अक्तूबर 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने पीएसी के रिटायर्ड 16 जवानों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। सभी लोग 1987 में हाशिमपुरा के रहने वाले 42 मुसलमानों के कत्ल में शामिल थे।
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