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हरियाणा प्रशासन ने बॉर्डर पर रोका यूपी के किसानों का गेहूं, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

Sun, 21 Apr 2019 05:03 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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झिंझाना के बिड़ौली पुल पर खड़ी गेहूं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के करनाल में आढ़तियों को गेहूं बेचने जा रहे शामली के किसानों का गेहूं हरियाणा प्रशासन ने बॉर्डर पर रोक दिया। काफी प्रयास के बाद भी किसानों का गेहूं नहीं जाने दिया गया। गुस्साए किसानों ने वहां जाम लगा दिया। शनिवार शाम तक किसान अपने वाहन लिए बॉर्डर पर ही जमे थे, जिससे हाईवे पर जाम लग गया। वाहनों की लंबी कतार के कारण मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। डीएम ने ऊन तहसील, खाद्य विभाग के अफसरों को मौके पर भेजा, लेकिन किसान नहीं माने। देर रात तक किसानों को समझाने के प्रयास जारी थे।

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हरियाणा के करनाल में गेहूं की बड़ी मंडी है। हरियाणा से सटे शामली जनपद के आसपास के गांव, कस्बों के किसान वहां की मंडी के आढ़तियों से सीजन से पहले ही खाद, बीज या नगद रुपया ले लेते हैं। फसल तैयार होने पर उनके यहां जाकर बेच देते हैं। सैकड़ों किसान ऐसा करते हैं। हालांकि यूपी और हरियाणा में गेहूं खरीद का भाव एक है। इसलिए यहां के किसान यूपी के क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने की वजह वहां जाकर अपने आढ़तियों को देते हैं। इसी तरह किसान शनिवार को अपना गेहूं ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लादकर बेचने के लिए करनाल जा रहे थे। 

बता दें कि शनिवार शाम को अचानक हरियाणा बॉर्डर पर बिडौली चेकपोस्ट से आगे हरियाणा पुलिस ने यहां के किसानों के गेहूं से भरे वाहनों को रोक लिया। किसानों को बताया गया कि पहले हरियाणा की मंडी और आढ़तियों के यहां पहले हरियाणा के किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद ही बाहर के किसानों का। इसी वजह से सरकारी आदेश के चलते वाहनों को रोका जा रहा है। इस पर यूपी के किसान बिफर पड़े। उन्होंने वहां अपने वाहन खड़े कर दिए। कहा कि गेहूं लिए जाने तक यहां से नहीं जाएंगे। हाईवे पर वाहनों का जाम लग गया। डीएम अखिलेश सिंह ने ऊन तहसीलदार चंद्रकला, डिप्टी आरएमओ निहारिका आदि अधिकारियों को मौके पर भेजा। डिप्टी आरएमओ ने रात को बताया कि किसानों को समझाया गया है कि वे जिले के क्रय केंद्र पर अपना गेहूं बेच दें। 48  से 72 घंटे में भुगतान के पूरे प्रयास किए जाएंगे। हमारे यहां समर्थन मूल्य पर 20 रुपये अतिरिक्त भी मिल रहे हैं, लेकिन किसान नहीं माने। देर रात तक वहां यूपी के गेहूं से लदे वाहनों को एक साइड में करा दिया गया था। बाकी वाहनों को निकालने के प्रयास चल रहे थे। 
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डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि करनाल के डीसी से बात की है। उन्होंने बताया कि उनके यहां शासन का आदेश है कि पहले हरियाणा के किसानों का ही गेहूं सरकारी केंद्र और आढ़ती खरीदेंगे।

क्या कहते हैं यहां के किसान 
किसान हरेंद्र निवासी गांव पिंडौरा, ओमपाल, बिटटू नौनांगली के अलावा सुशील निवासी गांव केरटू ने बताया की हरियाणा के आढ़तियों से फसल बोने के लिए पेशगी ली हुई है। उसके बदले अब गेहूं वहां बेचना है, लेकिन उनका गेहूं रोक दिया गया है। समस्या का समाधान नहीं होगा वे लोग यहां से नहीं जाएंगे। 

उधर, डीएम अखिलेश सिंह ने किसानों से अपील की है वे जनपद के सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर अपना गेहूं बेचें। वे एक दो दिन में ही भुगतान के प्रयास करेंगे। इसका भुगतान लेने के बाद वे हरियाणा के आढ़तियों से ली गई अपनी पेशगी दे सकते हैं।  

छह खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू
पिछले दो दिनों में  जिले के छह खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। अभी तक 1037 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है, जिनमें खाद्य विभाग का 520.50 क्विंटल, पीसीएफ द्वारा 517 क्विंटल गेहूं शामिल है। गेहूं की आवक नहीं आने से जिले के 21 खरीद केंद्र सूने पड़े हुए हैं।
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जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए जिला प्रशासन ने 27 खरीद केंद्र खोलकर गेहूं खरीद की व्यवस्था की थी। इस बार मौसम खराब होने के कारण देरी से गेहूं खरीद कार्य शुरू हो पाया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी निहारिका ने बताया कि पिछले दो दिनों में जिले के थानाभवन मंडी, झिंझाना, बल्ला माजरा समेत छह खरीद केंद्रों पर 1037 क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। खाद्य विभाग का 520.50 क्विंटल, पीसीएफ द्वारा 517 क्विंटल गेहूं शामिल है। 

उन्होंने बताया कि इस बार जिले में खरीद एजेंसियों का एक लाख 45 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 15 अप्रैल तक मात्र चार क्विंटल गेहूं हो पाई थी। इस बार पिछले दो दिनो में खाद्य विभाग व पीसीएफ के मात्र छह खरीद केंद्रों पर 1840 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद हो पाई है। जिले में अभी तक 110 किसानों का पंजीकरण हो पाया है। किसानों का पंजीकरण कम होने से वेबसाइट में तकनीकी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में यूपी किसानों पर रोक लगा दी है। वह जिले के खरीद केंद्रों पर किसानो को मूलभूत सुविधाएं देकर 48 घंटे से लेकर 72 घंटे में गेहूं के मूल्य की व्यवस्था कराएंगे।

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