फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हड़ताल से दो हजार छात्रों की पढ़ाई ठप

Wed, 20 Jul 2016 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
विज्ञापन
छात्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
 कैंट बोर्ड कर्मचारियों की हड़ताल का असर पांच स्कूलों के दो हजार छात्रों पर पड़ रहा है। 13 जुलाई से स्कूलों में पढ़ाई ठप है। वहीं क्षेत्र में गंदगी के अंबार लग गए हैं। कर्मचारी मुकदमे वापस लेने की मांग पर अडिग हैं। मंगलवार को ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन ने अन्य छावनियों से भी हड़ताल में समर्थन मांगा है।
9 जुलाई को आरआर मॉल ध्वस्तीकरण में चार लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने कैंट बोर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के विरोध में 10 जुलाई से छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन और अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस शाखा छावनी परिषद मेरठ की संयुक्त हड़ताल चल रही है। छावनी परिषद कर्मचारी यूनियन के महामंत्री नवीन चंद पंत और सफाई मजदूर कांग्रेस के महामंत्री योगेश भगत ने कहा कि जब तक मुकदमे वापस नहीं होंगे हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी कांवड़ यात्रा के सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर पूजेश लोहरे, भारत सिंह, दिनेश वर्मा, राजीव श्रीवास्तव, सुनील कुमार, संजीव, गिरीश सिंह, मनोज, विजय मौजूद रहे।
विज्ञापन


अनशन पर बैठे संजय
मंगलवार को कर्मचारी संजय चौहान अनशन पर बैठे। एमए जफर ने माला पहनाकर अनशन शुरू करवाया। कर्मचारियों ने कहा कि मांगे न माने जाने तक कार्मिक अनशन जारी रहेगा।

छात्रों का क्या गुनाह
कैंट बोर्ड के 5 स्कूलों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं। सवाल है कि 2000 छात्रों का क्या कसूर है। इनकी पढ़ाई क्यों ठप की गई है। सीएबी इंटर स्कूल, आधार शिला पब्लिक स्कूल, प्राइमरी स्कूल, रजबन, लालकुर्ती और तोपखाना के स्कूल बंद हैं। सीएबी में करीब 15 सौ, आधार शिला पब्लिक स्कूल में 350 और तीन प्राइमरी स्कूलों में 250 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं।
विज्ञापन


सभी छावनी होंगी हड़ताल में शामिल
कैंट बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने ऑल इंडिया कैंट बोर्ड इंप्लाइज फेडरेशन के क्षेत्रीय मंत्री को पत्र लिखकर हड़ताल के लिए सहयोग मांगा है। संयुक्त सचिव विक्रम ने बताया कि फेडरेशन ने देश की सभी छावनियों को पत्र लिखकर मेरठ के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी यदि मांग नहीं मानी तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें