खरखौदा। कांशीराम कॉलोनी में दो दिन पहले एक वृद्धा की मौत हो गई थी। इसके बाद अकेला पड़ जाने उसके 55 वर्षीय पुत्र ने रविवार रात छत के पंखे से झूलकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह पड़ोसी खाना देने पहुंचा तो मकान का दरवाजा नहीं खुला। पुलिस ने गेट तोड़कर देखा तो अधेड़ फांसी पर लटका था। वहीं, रिश्तेदारों ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया।
कांशीराम कॉलोनी में राकेश पुत्र लखीराम अविवाहित था। वह अपनी मां दयावती के साथ रहता था। वह मजदूरी करता था। उसकी मां दयावती की बीमारी के चलते दो दिन पहले मौत हो गई। इस पर राकेश अकेला पड़ गया। पड़ोसी ही उसे खाना पहुंचा रहे थे। राकेश रविवार रात कमरे में चला गया तथा पंखे से झूल गया। सोमवार सुबह नौ बजे पड़ोसी खाना देने पहुंचा तो घर का गेट बंद मिला। उसने आवाज दी परंतु जवाब नहीं मिला। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो राकेश फांसी पर झूलता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की। इस पर रिश्तेदारों ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। वहीं, पुलिस ने राकेश का शव उन्हें सौंप दिया।
तीन लोग कर चुके हैं आत्महत्या
पड़ोसियों के अनुसार इस मकान में जो परिवार रहता है। उसका कोई न कोई सदस्य फांसी लगा लेता है। अब तक यहां तीन परिवार रहने आए हैं। जिसमें तीनों परिवारों के एक-एक सदस्य फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुके हैं।