पीडब्ल्यूडी ने जुलाई में बनाया था डिवाइडर, रैपिड रेल कार्य के चलते तोड़ा
अमर उजाला ने 11 जुलाई के अंक में विभाग को चेताया था
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर कादराबाद से परतापुर तिराहे तक बीती जुलाई में बनाए गए डिवाइडर को बृहस्पतिवार को तोड़ दिया। पीडब्ल्यूडी ने 4.8 किमी के इस डिवाइडर को चार माह पूर्व करीब 50 लाख रुपये की लागत से बनाया था। अमर उजाला ने इस बाबत 11 जुलाई के अंक में खबर प्रकाशित कर विभाग को चेताया था। वहीं, कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी पीडब्ल्यूडी से जवाब मांगा था।
इस सड़क पर रैपिड रेल का सिविल कार्य किया जाना था परंतु डिवाइडर तैयार कर दिया गया। हालांकि, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना था कि इसे सुरक्षा के मद्देनजर बनाया है। इस संबंध में अमर उजाला संवाददाता ने जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा से वर्चुअल मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया था। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
एनसीआरटीसी के पास हैै दिल्ली रोड
पीडब्ल्यूडी ने रैपिड रेल संचालन तक सड़क का जिम्मा एनसीआरटीसी को सौंप दिया है। इसके बाद भी डिवाइडर बना दिया। इस मामले में कई बार विभाग को चेताया परंतु लाखों की लागत से डिवाइडर तैयार कर दिया। अब बृहस्पतिवार से एनसीआरटीसी ने डिवाइडर को तोड़ना शुरू कर दिया है। कादराबाद चौकी से मोहिउद्दीनपुर चौकी तक डिवाइडर को हटाकर बैरिकेडिंग की जा रही है। जिससे रैपिड रेल पिलर के लिए खोदाई शुरू की जा सके।